विवाद: कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, सुरजेवाला बोले- क्या पीएम देंगे जेपीसी जांच की अनुमति?
राफेल डील को लेकर केंद्र सरकार फिर से कांग्रेस के निशाने पर है। कांग्रेस ने पीएम मोदी से संयुक्त संसदीय समिति की जांच की अनुमति देने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि डील में हुए कथित घोटाले के मामले सार्वजनिक हो चुके हैं।
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राफेल डील को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला है। फ्रांस की वेबसाइट 'मीडियापार्ट' की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि रिलायंस-डसॉल्ट डील के सारे सबूत सार्वजनिक कर दिए गए हैं। मोदी सरकार और 'जानेमन' डील (राफेल डील) अब साफ हो गई है। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब संयुक्त संसदीय समिति की जांच की अनुमति देंगे। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि यह प्रथम दृष्टि में भ्रष्टाचार का आरोप है।
जांच से क्यों डर रही सरकार- कांग्रेसFrench website 'Mediapart' has made public all the evidence in the Reliance-Dassault deal. Modi Govt and 'sweetheart' deal (Rafale Deal) is clear now. Will Prime Minister Narendra Modi allow Joint Parliamentary Committee investigation now?: Randeep Surjewala, Congress pic.twitter.com/TQW6oGipId
— ANI (@ANI) July 3, 2021विज्ञापन
सुरजेवाला ने कहा कि फ्रांस में प्रथम दृष्या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं । तो सरकार जेपीसी की जांच क्यों नहीं करवाती है। यदि दाल में कुछ काला नहीं है तो फिर जांच से सरकार को क्यों बच रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए जेपीसी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पारदर्रिशता, जवाबदेही, भ्रष्टचार मुक्त शासन देना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
कांग्रेस पर भाजपा का तीखा पलटवार
वहीं, कांग्रेस के आरोप पर भाजपा पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस झूठ और मिथकों का पर्याय है। आज उन्होंने फिर से राफेल सौदे के बारे में झूठ बोला। यदि किसी देश का एनजीओ किसी आरोप के खिलाफ शिकायत करता है और उसका वित्तीय अभियोजन निकाय तदनुसार जांच का आदेश देता है, तो इसे भ्रष्टाचार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पात्रा ने आगे कहा कि फ्रांस में राफेल सौदे को लेकर जांच होने वाली है। किसी एनजीओ ने फ्रांस की कोर्ट में शिकायत की थी, इस जांच को भ्रष्टाचार की नज़र से देखना उचित नहीं है, लेकिन इस मुद्दे पर राहुल गांधी जिस तरह से राजनीति कर रहे हैं वह दुखद है।