राफेल पर कांग्रेस ने पीएम को फिर घेरा, कहा- सच आया सामने, चौकीदार को जरूर मिलेगी सजा
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राफेल सौदे से संबंधित कुछ नए दस्तावेजों को आधार बनाए जाने पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति को उच्चतम न्यायालय ने ठुकरा दिया है। इस पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को फिर से घेरने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि 'राफेल की चोरी' का सच सामने आ गया है। चौकीदार को चोरी की सजा जरूर मिलेगी।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को दिए गए आदेश को न्याय की ओर पहला कदम बताया। सुरजेवाला ने कहा कि इस मामले में न्याय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से होगा। उन्होंने कहा, 'राफेल की चोरी की परतें खुलती जा रही हैं। मोदी जी के झूठ का किला ध्वस्त हो गया। न्यायालय के प्राथमिक निर्णय ने मोदी के चेहरे से झूठ के लबादे को निकाल कर फेंक दिया है।'
मोदी जी की झूठ का किला ध्वस्त हो गया है।
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) April 10, 2019
बार बार मोदी जी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की दुहाई दे ‘क्लीनचिट’ की झूठ का आवरण ओढ़ लेते थे।
राफेल के भ्रष्टाचार की एक झूठ छिपाने के लिए चोर चौकीदार ने सौ झूठ बोली, पर आखिर में सच्चाई बाहर आ ही गई कि
-‘राफेल की चोरी में चौकीदार चोर है’। pic.twitter.com/vIw6z9hpnD
सुरजेवाला ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पहले कैग रिपोर्ट के नाम पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया। फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सच छिपाने की कोशिश की। उन्होंने न्यायालय से यह भी छिपाया कि विमान के लिए मोलभाव सीधे प्रधानमंत्री कर रहे थे।
जेपीसी करेगा अंतिम न्याय: सुरजेवाला
सुरजेवाला ने कहा, 'यह भी छिपाया गया कि मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से भ्रष्टाचार से जुड़ी शर्तों को हटा दिया। सच्चाई तब सामने आ गई जब न्यायालय ने कहा कि मोदी जी अपने भ्रष्टाचार के सबूतों को सरकारी गोपनीयता का हवाला देकर नहीं छिपा सकते।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने न्याय की ओर कदम उठाया है। आखिरी न्याय जेपीसी की जांच से होगा। अब जांच भी होगी और चौकीदार और उसके दोस्तों को सजा भी मिलेगी। अब होगा न्याय।'
सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'राफेल घोटाले की परतें एक एक करके खुल रही हैं। अब 'कोई गोपनीयता का कानून नहीं है' जिसके पीछे आप छिप सकें।' उन्होंने कहा, 'उच्चतम न्यायालय ने कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। परेशान मोदी जी ने राफेल के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून लगाने की धमकी दी। चिंता मत करिए मोदी जी, अब जांच होने जा रही है। चाहे आप चाहें या न चाहें।'
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राफेल सौदे से संबंधित कुछ नए दस्तावेजों को आधार बनाए जाने पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति को ठुकरा दिया। इन दस्तावेजों पर केंद्र सरकार ने ‘विशेषाधिकार’ का दावा किया था।