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कांग्रेस और विपक्ष को पता ही नहीं चला कि बदल रहा है जनता का मूड

Thu, 24 Oct 2019 08:38 PM IST
आसिम खान शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Thu, 24 Oct 2019 08:38 PM IST
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Congress and Opposition did not know that the mood of people was changing in Maharashtra Haryana
कांग्रेस-एनसीपी (प्रतीकात्मक)

सितारे साथ हो तो ग्रहों की चाल बदल जाती है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे हैं। निराशा की कोठरी में बैठी कांग्रेस पार्टी को मानो संजीवनी मिल गई है, वहीं जीत के प्रति अति उत्साह में आ चुके भाजपा के रणनीतिकारों को सरकार बनाने के लिए जुगत लगानी पड़ रही है।

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हरियाणा में खट्टर पेश करेंगे दावा

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनाने की पहल करने जा रही है। भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसमें किसी तरह की देर नहीं करना चाहते। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा खुद हरियाणा और महाराष्ट्र में सरकार बनने की स्थितियों पर नजर रख रहे हैं। अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनवाने के लिए पहल की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके प्रति आश्वस्त किया जा चुका है।

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महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र में भाजपा का चेहरा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। पार्टी के नेताओं ने राज्य में सरकार बनाने की जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को 57 सीटें मिलने की संभावना ने बदलने पर मजबूर कर दिया। अब वह राज्य में शिवसेना के हिस्से में मुख्यमंत्री पद का आधा कार्यकाल चाहते हैं। भाजपा चाहती है कि राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री, शिवसेना का उपमुख्यमंत्री (उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे) बनें। पांच साल सरकार चले।

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कांग्रेस फेट रही है पत्ते

कांग्रेस पार्टी के उच्चस्थ सूत्र की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार में फोन पर बात हुई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने भी कांग्रेस अध्यक्ष से संक्षिप्त बात करने की कोशिश की है। उन्हें राज्य के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। 


माना जा रहा है कि कांग्रेस अभी दोनों राज्यों में सत्ता समीकरण के पत्ते फेट रही है। महाराष्ट्र का पूरा दारोमदार शरद पवार के अनुसार रहेगा, जबकि हरियाणा में भूपेन्द्र हुड्डा के साथ पार्टी के खड़े होने के संकेत हैं।

कांग्रेस के नेता नहीं टटोल पाए जनता की नब्ज

कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व महासचिव का कहना है कि जनता जनार्दन होती है। हम क्या पूरी कांग्रेस मानकर बैठी थी कि हरियाणा, महाराष्ट्र में कुछ खास नहीं होने वाला है। कांग्रेस पार्टी की युवा महिला नेता का कहना है कि सुबह से नतीजे देखकर पछतावा हो रहा है। क्योंकि पार्टी के नेता निराशा जैसे भाव में थे। कांग्रेस ने दोनों ही राज्यों में ढंग से प्रचार ही नहीं किया। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस पार्टी ने कोई बड़ा प्रयास नहीं किया।



हालांकि भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को देखा जाए तो उसे महाराष्ट्र में बहुत अच्छा होने की उम्मीद नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने प्रचार में कांग्रेस अध्यक्ष को निशाने पर कम लिया था। उनके निशाने पर एनसीपी ज्यादा थी। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री महाराष्ट्र के राजनीतिक गणित को लेकर कुछ संवेदनशील थे। शिवसेना के साथ भाजपा के गठबंधन को भी इसी नजर से देखा जा रहा है।

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