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Congress-AAP Alliance: दिल्ली में केजरीवाल-कांग्रेस में समझौता! क्या फिर भी हरा पाएंगे भाजपा को?

Thu, 22 Feb 2024 04:45 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 22 Feb 2024 04:45 PM IST
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सार
अब तक की जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में 4-3 के फॉर्मूले पर समझौता हो सकता है। इसमें कांग्रेस को पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और चांदनी चौक की सीट मिल सकती है। वहीं, आम आदमी पार्टी नई दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से चुनाव लड़ सकती है...
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Congress-AAP Alliance: alliance between aap and Congress in Delhi! Will they still be able to defeat BJP?
Congress-AAP Alliance - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कई राज्यों में I.N.D.I गठबंधन में दरार दिखने के बाद अब उनके नेताओं में आपसी तालमेल कुछ बेहतर होती दिखाई पड़ रही है। एक दिन पूर्व यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच तालमेल बन जाने के बाद दिल्ली में भी आप और कांग्रेस के बीच समझौता हो सकता है। समझौते में आम आदमी पार्टी को चार सीटें और कांग्रेस को तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है। इससे विपक्ष के नेताओं में काफी जोश दिखाई पड़ रहा है। भाजपा ने दिल्ली की सभी सातों लोकसभा सीट पर 2019 में 50 फीसदी या उससे अधिक मत प्रतिशत के साथ जीत दर्ज की थी। ऐसे में यह प्रश्न बना रहेगा कि क्या आप और कांग्रेस मिलकर भी भाजपा को हरा पाएंगे?

अब तक की जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में 4-3 के फॉर्मूले पर समझौता हो सकता है। इसमें कांग्रेस को पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और चांदनी चौक की सीट मिल सकती है। वहीं, आम आदमी पार्टी नई दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से चुनाव लड़ सकती है।

पांच लोकसभा सीट पर कांग्रेस, दो पर आप रही दूसरे नंबर पर

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सातों सीटों पर बेहतरीन जीत हासिल की थी। उसने लगभग 57 फीसदी वोट प्रतिशत के साथ हर सीट पर जीत हासिल की थी। भाजपा के जीते उम्मीदवारों का उनके नजदीकी विपक्षी उम्मीदवारों से जीत का अंतर मत प्रतिशत के अनुसार सबसे कम 23 फीसदी चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में और अधिकतम 40 फीसदी पश्चिमी दिल्ली में रहा था।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह बार-बार कहते रहे हैं कि उनका उद्देश्य हर लोकसभा-विधानसभा में 51 फीसदी से अधिक मत प्रतिशत पाना है। यह बात दिल्ली में सही साबित हो गई है। पिछले चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों ने 51 फीसदी या उससे अधिक मत पाया था। ऐसे में बड़ा प्रश्न यही है कि क्या आप और कांग्रेस के साथ आकर भी भाजपा को हरा पाएंगे?

नई दिल्ली में भाजपा ने लगभग 55 फीसदी वोट हासिल किया था। इसके अलावा चांदनी चौक लोकसभा सीट पर भाजपा ने 53 फीसदी, पूर्वी दिल्ली में 55 फीसदी, दक्षिणी दिल्ली में 56 फीसदी से अधिक, उत्तर पूर्व में 54 फीसदी और उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट पर 60 फीसदी से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।

भाजपा को हराने में होंगे कामयाब

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नेता मुदित अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि दोनों दलों में सीटों के मामले पर बातचीत अपने अंतिम दौर में है। जो भी निर्णय होता है, जल्द ही लोगों के सामने आ जाएगा। कांग्रेस हर सीट पर मुकाबला करने के लिए तैयार है। लेकिन इतना तय है कि दोनों दलों के साथ आने से भाजपा को हर सीट पर कड़ी टक्कर मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इस बार दिल्ली में कांग्रेस बेहतर सफलता दर्ज करेगी।

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