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Gujarat: विधानसभा चुनावों से पहले दो कैबिनेट मंत्रियों से छिने प्रमुख विभाग, कांग्रेस-आप ने सरकार पर उठाए सवाल
Sun, 21 Aug 2022 04:48 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 21 Aug 2022 04:48 PM IST
सार
गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोषी ने संवाददाताओं से कहा, त्रिवेदी और मोदी दोनों सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और इसलिए गुजरात के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रमुख विभागों से इतनी बेरहमी से किस वजह से हटाया।
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कैबिनेट मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी और पूर्णेश मोदी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विपक्षी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने रविवार को गुजरात सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों से उनके प्रमुख विभागों को छीने के पीछे कारणों को सार्वजनिक करने को कहा।
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इस साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रियों राजेंद्र त्रिवेदी और पूर्णेश मोदी से क्रमश: राजस्व, सड़क और भवन विभागों को छीन लिया। त्रिवेदी और मोदी दोनों भूपेंद्र पटेल सरकार में कैबिनेट स्तर के दस मंत्रियों में शामिल हैं।
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त्रिवेदी के पास अब आपदा प्रबंधन, कानून और न्याय, विधायी और संसदीय कार्य विभाग रह गया है जबकि मोदी परिवहन, नागरिक उड्डयन, पर्यटन और तीर्थ विकास विभागों का प्रभार संभालते रहेंगे।
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गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोषी ने संवाददाताओं से कहा, त्रिवेदी और मोदी दोनों सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और इसलिए गुजरात के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रमुख विभागों से इतनी बेरहमी से किस वजह से हटाया।
वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव इंद्रनील राजगुरु ने कहा कि दो वरिष्ठ मंत्रियों से महत्वपूर्ण विभागों को हटाने का निर्णय भाजपा का 'निजी मामला' नहीं है और यह बड़े पैमान पर जनता को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार को जनता को बताना चाहिए कि इस फैसले के पीछे वास्तव में क्या कारण थे। उन्होंने कहा, इसलिए सरकार जनता को बताना चाहिए कि इस निर्णय के पीछे वास्तव में क्या कारण थे।
राजगुरु ने कहा, गुजरात के लोगों की ओर से मैं भाजपा से पूछना चाहता हूं कि आपने मंत्रियों को क्यों हटाया? क्या यह राज्य भाजपा प्रमुख सी. आर. पाटिल और मुख्यमंत्री के बीच कुछ मतभेदों के कारण है? क्या गुजरात सरकार दिल्ली से चलती है? लोगों को जानने का पूरा अधिकार है।
दोशी ने कहा कि अगर सरकार साफ-सुधरी है तो उसे त्रिवेदी और मोदी को दो विभागों से हटाने के पीछे के के कारणों को छिपाना नहीं चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, भाजपा 2017 में गुजरात में भ्रष्टाचार को खत्म करने के वादे के साथ सत्ता में आई, लेकिन उसने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना जारी रखा। कुछ समय पहले पार्टी ने पूरे राज्य के मंत्रिमंडल को बदल दिया, लेकिन भ्रष्टाचार की प्रक्रिया जारी रही।
उन्होंने दावा कि दो मंत्रियों को बदलने से राज्य में भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा। यहां तक कि पूरे मंत्रिमंडल को बदलने से भी लूट का स्वरूप नहीं बदला है। दोषी ने कहा कि अगर सरकार की मंशा साफ है तो उसे हमें बताना चाहिए कि त्रिवेदी और मोदी कहां विफल हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस कदम से प्रशासन प्रभावित होता है।
उन्होंने दावा किया दोनों मंत्रियों को या तो इसलिए हटाया गया क्योंकि वे जनता के पक्ष में निर्णय नहीं ले रहे थे या भ्रष्टाचार के कारण। दोषी ने दावा किया त्रिवेदी केपास जो राजस्व विभाग था वह भ्रष्टाचार का केंद्र था और मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा भ्रष्टाचार के सबूत हासिल करने में कामयाब रहे जिसके कारण उन्हें हटाया गया।