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कश्मीर में अचानक अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां तैनात करने के क्या हैं मायने
Sun, 24 Feb 2019 10:54 PM IST
संदीप भट्ट
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sun, 24 Feb 2019 10:54 PM IST
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पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने कश्मीर में अर्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां भेजने का आदेश जारी कर दिया है। इसके कई मायने निकलते हैं। क्या बॉर्डर पर टेंशन बढ़ रही है, कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के लिए बनी नई एसओपी, आरओपी की तैनाती, सर्च ऑपरेशन और आर्मी का बॉर्डर के कुछ खास इलाकों की तरफ ध्यान, ये सब बातें एक बड़ी कार्रवाई की ओर इशारा कर रही हैं।
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अर्धसैनिक बलों की इतनी कंपनियां कश्मीर में भेजने की पहली वजह खुफिया एजेंसियों के अलर्ट हैं, जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। रोजाना भयावह अलर्ट मिल रहे हैं। सुरक्षा बलों के कैंप पर फिदायीन अटैक, आईईडी ब्लास्ट और घात लगाकर हमला करना, ऐसी सूचनाएं लगातार आ रही हैं। सुरक्षा बलों के सूत्र बताते हैं कि पुलवामा हमले के बाद आतंकियों की तलाश के लिए पहाड़ी इलाकों में एक विशेष सर्च ऑपरेशन शुरु हुआ है। सुरक्षा बल अपने कैंप से जब सर्च ऑपरेशन के लिए निकलते हैं तो उनका मार्ग क्लीयर करने के लिए नई रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) लगाई जा रही हैं।
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अभी तक ये आरओपी बड़े मार्गों पर ही लगती थी, अब छोटे रास्तों पर भी इनकी तैनाती की जा रही है। पहाड़ी इलाकों में दो आरओपी के बीच का अंतर भी कम कर दिया गया है। इसके अलावा आईबी के अलर्ट को देखते हुए सेना की ऑपरेशन विंग जो लंबे समय से कश्मीर में आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे सीमावर्ती इलाकों में एक खुफ़िया ऑपरेशनमें लगाया जाएगा।
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कुछ नए सैन्य दस्ते भी कश्मीर में उतारे जा चुके हैं। सुरक्षा बलों की स्थानीय आवाजाही में कोई बाधा न पहुंचे, इसके लिए अर्धसैनिक बल मोर्चा संभालेंगे। बीएसएफ के पूर्व आईजी विकास चंद्रा, जो कि लम्बे समय तक जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे हैं, उनका कहना है कि मौजूदा समय में कश्मीर के लिए आईबी अलर्ट चिंता का विषय हैं। नए अर्धसैनिक बलों की तैनाती के कई मायने निकलते हैं। चूंकि कश्मीर के कई जिले पहाड़ियों से घिरे हैं, वहाँ सर्च ऑपरेशन चलाना है तो सैंकड़ों कम्पनी भी कम पड़ जाएंगी।