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नोटबंदीः हाथ में कंगना, चेहरे पर हल्दी, युवती ने बैंक मैनेजर से पूछा - कैसे होगी शादी?
अमर उजाला ब्यूरो, संभल
Updated Sat, 19 Nov 2016 03:30 AM IST
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हल्दी लगे हाथों के साथ बैंक पहुंची मंजू
- फोटो : Amar Ujala
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हाथ में शादी का कंगना बंधा था, चेहरे पर हल्दी लगी थी और वह बैंक की कतार में खड़े खाते से पैसे निकलवाने को जूझ रही थी। लगातार कैश खत्म होने की बात से लौटाए जाने से परेशान होकर आखिरकार मैनेजर से पूछ ही बैठी, पैसे खाते में हैं, आप बताएं शादी कैसे होगी। ये तकलीफ है संभल की मंजू की। जो पिछले कई दिनों से बैंक की लाइन में अपने खाते से पैसे निकालने के लिए लग रही है।
गांव फाजलपुर निवासी मंजू की 21 नवंबर को शादी है। 20 नवंबर को लग्न चढ़ना है। पिछले आठ दिन से वह मोहम्मदपुर टांडा के प्रथमा बैंक में चक्कर काट रही है। लेकिन रोजाना उसे कैश खत्म होने की बात कहकर बैंक से लौटा दिया जाता है। शुक्रवार को वह हाथ, पैरों पर हल्दी लगाए बैंक की कतार में खड़े अपनी बारी आने का इंतजार करती रही।
वित्त सचिव की घोषणा के बाद आस बंधी की शादी के लिए अपने खाते से 2.5 लाख रुपये निकाल सकते हैं। आखिरकार सब्र टूटा तो वह मैनेजर से पूछ बैठी कि सारा पैसा तो खाते में है, शादी कैसे होगी।
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मंजू के साथ मौजूद उसकी मां कमला ने बताया कि उनके पास बड़े नोट थे। जब बाजार में उसके बदले शादी का सामान नहीं मिला तो 16 नवंबर को उन्होंने पूरी पुरानी करेंसी बैंक में जमा कर दी। तब बैंक मैनेजर ने कहा था कि नई करेंसी के नोट मिल जाएंगे लेकिन अब बैंक में रुपये नहीं मिल रहे हैं। शादी की तैयारी नहीं हो पाई। बारात के स्वागत और लग्न के लिए सामान लेकर आने तक को भुगतान नहीं है। अब क्या करें?
इस बारे में जब शाखा प्रबंधक डीके सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि बैंक में गुरुवार को तीन लाख रुपये आए थे,दो-दो हजार रुपये करके बांटे गए।
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गांव फाजलपुर निवासी मंजू की 21 नवंबर को शादी है। 20 नवंबर को लग्न चढ़ना है। पिछले आठ दिन से वह मोहम्मदपुर टांडा के प्रथमा बैंक में चक्कर काट रही है। लेकिन रोजाना उसे कैश खत्म होने की बात कहकर बैंक से लौटा दिया जाता है। शुक्रवार को वह हाथ, पैरों पर हल्दी लगाए बैंक की कतार में खड़े अपनी बारी आने का इंतजार करती रही।
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वित्त सचिव की घोषणा के बाद आस बंधी की शादी के लिए अपने खाते से 2.5 लाख रुपये निकाल सकते हैं। आखिरकार सब्र टूटा तो वह मैनेजर से पूछ बैठी कि सारा पैसा तो खाते में है, शादी कैसे होगी।
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मंजू के साथ मौजूद उसकी मां कमला ने बताया कि उनके पास बड़े नोट थे। जब बाजार में उसके बदले शादी का सामान नहीं मिला तो 16 नवंबर को उन्होंने पूरी पुरानी करेंसी बैंक में जमा कर दी। तब बैंक मैनेजर ने कहा था कि नई करेंसी के नोट मिल जाएंगे लेकिन अब बैंक में रुपये नहीं मिल रहे हैं। शादी की तैयारी नहीं हो पाई। बारात के स्वागत और लग्न के लिए सामान लेकर आने तक को भुगतान नहीं है। अब क्या करें?
इस बारे में जब शाखा प्रबंधक डीके सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि बैंक में गुरुवार को तीन लाख रुपये आए थे,दो-दो हजार रुपये करके बांटे गए।
देर शाम मिला कैश, तो मिली राहत
फाइल फोटो
वित्त सचिव शशिकांत दास की प्रेस कांफ्रेंस में साफ कहे जाने के बाद भी बैंक लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं। देर शाम शाखा प्रबंधक ने बताया कि शादी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए युवती के खाते की धनराशि यूनियन बैंक में ट्रांसफर की गई थी। यूनियन बैंक से युवती को कैश मिल गया है।
संभल के मोहल्ला कोटपूर्वी पटवा गली निवासी किशनलाल ने कहा, 'मोदी सरकार ने शादी के लिए 2.5 लाख रुपये देने का फैसला तो अच्छा किया है, लेकिन हम तो 24 हजार ही निकालना चाहते हैं वही नहीं मिले। मैं शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे 24,000 रुपये निकालने के लिए जिला सहकारी बैंक गया था, लेकिन वहां कैश नहीं मिला और न ही पुरानी करेंसी के रुपये जमा किए गए। बड़े भाई प्रमोद के बेटे सौरभ की लग्न आनी है पर कैश न मिलने से सब काम रुक गया है।'
संभल के मोहल्ला कोटपूर्वी पटवा गली निवासी किशनलाल ने कहा, 'मोदी सरकार ने शादी के लिए 2.5 लाख रुपये देने का फैसला तो अच्छा किया है, लेकिन हम तो 24 हजार ही निकालना चाहते हैं वही नहीं मिले। मैं शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे 24,000 रुपये निकालने के लिए जिला सहकारी बैंक गया था, लेकिन वहां कैश नहीं मिला और न ही पुरानी करेंसी के रुपये जमा किए गए। बड़े भाई प्रमोद के बेटे सौरभ की लग्न आनी है पर कैश न मिलने से सब काम रुक गया है।'