फेसबुक पर आजम खां के खिलाफ टिप्पणी करनी पड़ी भारी
- छवि धूमिल करने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का लगा आरोप।
- गंज थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर।
- भाजपा नेता ने मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया।
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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ टिप्पणी भाजपा नेता को भारी पड़ गई। छवि धूमिल करने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने भाजपा के पूर्व जिला मंत्री दिलीप सक्सेना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, भाजपा नेता ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है।
गंज थाना क्षेत्र के घेर इमली इस्मत खां निवासी ताहिर अली ने बताया कि वह सोमवार शाम अपना फेसबुक एकाउंट देख रहे थे। उनकी नजर भाजपा नेता दिलीप सक्सेना के पोस्ट पर पड़ी। पोस्ट में दिलीप सक्सेना ने प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनके अनुसार टिप्पणी आजम खां की छवि धूमिल करने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से की गई थी।
आजम खां के समर्थक ताहिर अली ने इसकी जानकारी अन्य साथियों को दी। ताहिर साथियों के साथ गंज थाने पहुंचे। उन्होंने सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के कृष्णा विहार निवासी भाजपा नेता दिलीप सक्सेना के खिलाफ फेसबुक पर नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने की तहरीर दी। तहरीर पर पुलिस ने दिलीप सक्सेना पर आईपीसी की धारा 153ए और 500 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस बाबत भाजपा नेता दिलीप सक्सेना का कहना है कि राजनीतिक दबाव में झूठी रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने फेसबुक पर किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ टिप्पणी नहीं की है। राष्ट्रहित में अपनी बात जरूर कही है। अपनी बात कहना तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।
क्या है आईपीसी की धारा 153ए
यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष समूह, जाति, वर्ण या संप्रदाय के आधार पर द्वेष फैलाने वाली पोस्ट या कमेंट सोशल साइट्स पर पोस्ट करता है तो इस धारा के तहत मुकदमा दर्ज होने पर तीन साल की सजा हो सकती है। अगर यह अपराध किसी धार्मिक स्थल पर किया जाए तो पांच साल तक की सजा और जुर्माना भी हो सकता है।
सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट पर आईपीसी की धारा 500
यदि कोई व्यक्ति अपनी पोस्ट या कमेंट में किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध अपमानजनक बातें लिखता है या कमेंट करता है तो यह मानहानि का मामला है। ऐसी पोस्ट या कमेंट करने पर आईपीसी की धारा 500 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके तहत दो साल तक की जेल हो सकती है।
पहले भी दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट
रामपुर। भाजपा दिलीप सक्सेना के खिलाफ छह मार्च को सिविल लाइंस कोतवाली में नगर शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार ने फर्जी तरीके से स्कूल चलाने के आरोप में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दिलीप सक्सेना ने इस आरोप पूरी तरह से गलत बताया था। उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव में उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। भाजपाइयों ने इसके खिलाफ साक्ष्य भी पेश किए थे।