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सीलिंग मामला : सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को न्याय मित्र की जिम्मेदारी से किया मुक्त
Fri, 27 Nov 2020 12:09 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 27 Nov 2020 12:09 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पूर्व सॉलिसीटर जनरल और वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों की सीलिंग से जुड़े मामले में न्याय मित्र की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। वह मामले में उच्चतम न्यायालय का पिछले 25 वर्षों से सहयोग कर रहे थे।
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प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ से कुमार ने कहा कि उन्हें न्याय मित्र की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए और मामले में शीर्ष अदालत का सहयोग करने के लिए वरिष्ठ वकील एस. गुरु कृष्ण कुमार राजी हो गए हैं।
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पीठ ने कहा, इसी मुताबिक हम निर्देश देते हैं कि वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को न्याय मित्र की जिम्मेदारी से तत्काल मुक्त किया जाए और वरिष्ठ वकील एस. गुरु कृष्ण कुमार इस मामले में अदालत के सहयोगी के तौर पर रंजीत कुमार का स्थान लेंगे। रंजीत कुमार के सहयोग की यह अदालत प्रशंसा करती है, जो मामले की शुरुआत से ही इसमें सहयोग कर रहे हैं। पीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमणियन भी शामिल थे।
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पीठ ने कहा कि कुमार मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड एस. गुरु कृष्ण कुमार को सौंप दें। रंजीत कुमार ने 28 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया था कि उन्हें मामले में न्याय मित्र की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। कुमार ने कहा था कि वह मामले में 1995 से उच्चतम न्यायालय का सहयोग कर रहे हैं और अब उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाना चाहिए।