फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Colonel Sharma was being spied by a young man

कर्नल शर्मा बनकर जवान से जासूसी करवा रहा था पाक अफसर

Sat, 20 Oct 2018 04:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 20 Oct 2018 04:31 AM IST
विज्ञापन
Colonel Sharma was being spied by a young man
pakistan isi

वेस्टर्न कमांड की ओर से मेरठ छावनी से पकड़े गए जासूस से प्रारंभिक पूछताछ में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का एक अफसर, जो भारतीय जवान का हैंडलर था, भारतीय सेना का नकली अफसर कर्नल शर्मा बनकर सिगनल रेजिमेंट के जवान कंचन से जासूसी करवाता था।

विज्ञापन


इस फर्जी कर्नल शर्मा ने महीनों पहले कंचन को अपने प्रभाव में लिया था। जासूसी कांड में फंसा जवान कंचन सिंह भी बिना किसी जांच पड़ताल के यह मानकर चल रहा था कि वह भारतीय सेना के एक कर्नल रैंक के अफसर के संपर्क में हैं, उसके लिए हर जानकारी जुटाकर देता रहा। इसी के चलते कई संवेदनशील सैन्य यूनिटों की जानकारियां पाकिस्तान पहुंच गईं।
विज्ञापन


सैन्य सूत्रों के अनुसार फर्जी कर्नल शर्मा सिगनल रेजिमेंट के इस जवान को व्हॉट्सएप पर टास्क भेजता था। इस टास्क में आर्मी कमांडरों की तैनाती, तबादले, उनके नाम व यूनिटों की तैनाती व डिप्लॉयमेंट संबंधी सूचनाओं के साथ-साथ सेना की संवेदनशील और अति महत्वपूर्ण मिसाइल लैस यूनिटों एवं रेजिमेंट की लोकेशन और नफरी तक की जानकारी मांगी जाती थी। आर्मी के टेलीफोन एक्सचेंज में तैनात आरोपी जवान के लिए इन जानकारियों को जुटाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं था। वह संबंधित टास्क को पूरा कर तमाम जानकारियां फर्जी कर्नल शर्मा को व्हॉटसएप पर ही भेज देता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंडियन नेटवर्क को हाईजैक कर पाकिस्तान से आती थी कॉलफर्जी कर्नल शर्मा आरोपी जवान से व्हॉटसएप चैटिंग व कॉल के  जरिए संपर्क करता था। हैरत की बात यह कि इस व्हॉटसएप कॉलिंग के लिए इंडियन नेटवर्क को हाईजैक किया जाता था और फिर जवान से संपर्क होता था। जांच में खुलासा हुआ कि इंडियन नेटवर्क से आनी वाली कॉल दरअसल पाकिस्तानी नंबर से होती थी और पाकिस्तान से ही की जाती थी।


कुछ और लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी

इस मामले में भारतीय सेना की विशेष टीम ने फिलहाल प्रारंभिक जांच पूरी की है। लेकिन इस जांच में कई और लोग भी टीम के राडार में आ गए हैं। ये वो लोग है, जो आरोपी जवान कंचन सिंह के संपर्क में थे और कंचन सिंह को सूचनाएं उपलब्ध करवाते थे। सैन्य अफसर को शक है कि ये लोग भी कई आईएसआई के संपर्क में तो नहीं है। लिहाजा निकट भविष्य में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed