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मां को शहीद कर्नल संतोष बाबू का वो आखिरी फोन कॉल, इस बात को लेकर थे परेशान

Wed, 17 Jun 2020 12:32 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Wed, 17 Jun 2020 12:32 PM IST
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Colonel Santosh Babu Mother remembers last phone call of son who killed in India China border controversy
शहीद कर्नल संतोष बाबू - फोटो : .

पूर्वी लद्दाख में बॉर्डर पर गलवां घाटी में चीन के साथ झड़प में भारत के कम से कम 20 सैनिक शहीद हो गए हैं। वहीं, भारतीय सूत्रों के मुताबिक एलएसी पर झड़प में चीन के 43 सैनिकों की या तो मौत हुई या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शहीद होने वाले सैनिकों में तेलंगाना के कर्नल संतोष बाबू भी शामिल हैं। 

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कर्नल संतोष बाबू ने हिंसक झड़प से एक दिन पहले ही अपनी मां से फोन पर बात की थी। उनकी मां ने अपने इकलौते बेटे के साथ आखिरी फोन कॉल को याद करते हुए बताया कि कर्नल संतोष बाबू बॉर्डर पर चल रहे तनाव को लेकर परेशान थे। कर्नल संतोष का हैदराबाद ट्रांसफर होना था, लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से इसमें देरी हो रही थी।

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रविवार की शाम को संतोष बाबू ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। इस आखिरी कॉल में उन्होंने सीमा तनाव पर चिंता जताई थी, साथ ही कहा था कि वह इस बारे में उनसे बात नहीं कर सकते क्योंकि यह संवेदनशील मामला है। उनके पिता ने बताया कि मैंने उसे (संतोष बाबू) ध्यान रखने को कहा था।

उनकी मां ने कहा, मुझे गर्व और दुख दोनों है। मेरे बेटे ने देश के लिए अपनी जान दी, लेकिन एक मां के तौर पर मैं बहुत दुखी हूं। वो मेरा इकलौता बेटा था। पहले तो हमें विश्वास ही नहीं हुआ, लेकिन बाद में उच्च अधिकारियों ने हमें बताया कि क्या हुआ है। हम गहरे सदमे में हैं। हमारे बेटे को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।


संतोष बाबू के पिता बैंक में काम करते थे। उन्होंने कहा, मैं चाहता था कि मेरा बेटा सेना में शामिल होकर देश की सेवा करे, जो मैं कभी नहीं कर सका। लेकिन मेरे रिश्तेदारों ने मेरे इस विचार का विरोध किया था। 

संतोष बाबू 16वीं बिहार रेजीमेंट में कमांडिंग ऑफिसर थे। उनकी 2004 में सेना में भर्ती हुई थी और पहली पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई थी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कर्नल संतोष बाबू ने अपनी जान देश के लिए दे दी। उनके बलिदान की तुलना किसी भी तरह नहीं की जा सकती। सरकार कर्नल के परिवार को हरसंभव मदद देगी।

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