{"_id":"5dc3af268ebc3e5b6b45b055","slug":"coimbatore-misdeed-and-murder-case-court-dismisses-plea-seeking-review-of-conviction","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोयंबटूर दुष्कर्म-हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी की पुनरीक्षण याचिका की खारिज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोयंबटूर दुष्कर्म-हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी की पुनरीक्षण याचिका की खारिज
Thu, 07 Nov 2019 12:26 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 07 Nov 2019 12:26 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्चतम न्यायालय ने कोयंबटूर में 2010 में हुए दुष्कर्म एवं हत्याकांड मामले में मौत की सजा का सामना कर रहे दोषी की वह पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी जिसमें उसने मृत्युदंड बरकरार रखने के उसके आदेश की समीक्षा किए जाने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
दोषी मनोहरन को 2010 में कोयंबटूर में एक नाबालिग लड़की का सामूहिक दुष्कर्म और बाद में उसकी तथा उसके भाई की हत्या करने के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक के मुकाबले दो के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी मनोहरन की मौत की सजा को बरकरार रखने वाले फैसले की समीक्षा करने का कोई आधार नहीं है ।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति नरीमन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी जबकि न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कहा कि केवल सजा के बिंदु पर उनका विचार अलग है। पीठ ने कहा कि बहुमत के फैसले के मद्देनजर पुनरीक्षण याचिका पूरी तरह खारिज की जाती है।
Supreme Court dismisses a review petition of a convict who is on death row for raping and killing a 10-year-old girl and killing her minor brother in Coimbatore (Tamil Nadu) in 2010. pic.twitter.com/7qzdCdznlW
— ANI (@ANI) November 7, 2019