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Hyderabad: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हैदराबाद में CJP का प्रदर्शन, सोनम वांगचुक भी शामिल हुए
Sun, 14 Jun 2026 03:25 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 14 Jun 2026 03:25 PM IST
सार
हैदराबाद में कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य संगठनों ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे युवाओं के भविष्य को बचाने और देश में सुधार लाने का एक बड़ा आंदोलन बताया।
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हैदराबाद में कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हैदराबाद के धरना चौक पर रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी और कई अन्य संगठनों ने मिलकर बड़ा प्रदर्शन किया। इन लोगों का गुस्सा नीट (NEET) पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) की मार्किंग सिस्टम में हुई गड़बड़ियों को लेकर था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की एनडीए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें। भीड़ में 'हमें न्याय चाहिए' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' जैसे नारे गूंज रहे थे।
विरोध में शामिल हुए सोनम वांगचुक
इस विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए साफ किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक सत्ता को पाने या किसी पार्टी को चुनौती देने के लिए नहीं है। इसका असली मकसद जनता को जागरूक करना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा मंत्री बनने या नई पार्टी बनाने के लिए नहीं है। यह देश में युवाओं के साथ हो रही गलतियों को सुधारने की एक कोशिश है। उन्होंने इसे एक जागृति या बदलाव की शुरुआत बताया।
सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से इन सिस्टम की खामियों की जिम्मेदारी लेने को कहा। उन्होंने एक ऐसे लोकतंत्र की मांग की जहां भारत डर और नफरत से पूरी तरह मुक्त हो। उन्होंने कहा कि भविष्य में हमें एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए जिसमें हर किसी को बिना किसी सवाल के आजादी मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। इसका मकसद सिस्टम की नींव को मजबूत करना है, जिसके लिए आगे का पूरा रास्ता तैयार किया जाएगा।
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ये भी पढ़ें: Politics: टीएमसी में बगावत के बीच सवालों से बचती नजर आईं सयानी घोष; बोलीं- 'क्षेत्र की जनता को ही जवाब दूंगी'
वांगचुक के अनुसार, आज सबसे बड़ी समस्या परीक्षाओं की है। पेपर लीक हो रहे हैं और परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, जिससे सब कुछ गलत हो रहा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्टी को रविवार दोपहर तक ही धरना देने की अनुमति मिली थी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी नाराजगी जाहिर करने पहुंचे थे।
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विरोध में शामिल हुए सोनम वांगचुक
इस विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए साफ किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक सत्ता को पाने या किसी पार्टी को चुनौती देने के लिए नहीं है। इसका असली मकसद जनता को जागरूक करना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा मंत्री बनने या नई पार्टी बनाने के लिए नहीं है। यह देश में युवाओं के साथ हो रही गलतियों को सुधारने की एक कोशिश है। उन्होंने इसे एक जागृति या बदलाव की शुरुआत बताया।
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सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से इन सिस्टम की खामियों की जिम्मेदारी लेने को कहा। उन्होंने एक ऐसे लोकतंत्र की मांग की जहां भारत डर और नफरत से पूरी तरह मुक्त हो। उन्होंने कहा कि भविष्य में हमें एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए जिसमें हर किसी को बिना किसी सवाल के आजादी मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। इसका मकसद सिस्टम की नींव को मजबूत करना है, जिसके लिए आगे का पूरा रास्ता तैयार किया जाएगा।
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वांगचुक के अनुसार, आज सबसे बड़ी समस्या परीक्षाओं की है। पेपर लीक हो रहे हैं और परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, जिससे सब कुछ गलत हो रहा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्टी को रविवार दोपहर तक ही धरना देने की अनुमति मिली थी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी नाराजगी जाहिर करने पहुंचे थे।