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West Bengal Coal Scam: ईडी ने आठ IPS अधिकारियों को जारी किया समन, जांच के लिए दिल्ली किया तलब
Thu, 11 Aug 2022 04:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 11 Aug 2022 04:45 PM IST
सार
समन किए गए कुछ आईपीएस अधिकारियों को उस इलाके में तैनात किया गया था, जहां अवैध कोयला खनन और उसकी तस्करी हो रही थी। ईडी की जांच में पता चला है कि आईपीएस अधिकारियों को कोयला तस्करी रैकेट के बारे में जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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कोयला
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
पश्चिम बंगाल कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के आठ अधिकारियों को समन जारी किया है। इसमें ईडी ने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जांच में शामिल होने के लिए तलब किया है। ईडी के अधिकारियों ने गुरुवार को इसके बारे में बताते हुए कहा कि जिन लोगों को समन जारी किया गया है उनमें आईपीएस अधिकारी ज्ञानवंत सिंह, कोटेश्वर राव, एस सेल्वामुरुगन, श्याम सिंह, राजीव मिश्रा, सुकेश कुमार जैन और तथागत बसु शामिल हैं।
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21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच कभी भी पूछताछ होगी शुरू
ये सारे आईपीएस अधिकारी पश्चिम बंगाल से हैं। इन अधिकारियों से 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच कभी भी पूछताछ शुरू हो सकती है। सूत्रों ने कहा कि समन किए गए कुछ आईपीएस अधिकारियों को उस इलाके में तैनात किया गया था, जहां अवैध कोयला खनन और उसकी तस्करी हो रही थी। ईडी की जांच में पता चला है कि आईपीएस अधिकारियों को कोयला तस्करी रैकेट के बारे में जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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नकदी द्रांसफर में सरकारी वाहनों का किया गया इस्तेमाल
इसके अलावा सूत्रों ने इस बात का भी दावा किया है कि सरकारी वाहनों में नकदी ट्रांसफर किए जाने के कारनामें में भी कुछ पुलिस अधिकारी शामिल थे। गौरतलब है कि टीएमसी के युवा नेता और इस मामले के मुख्य आरोपी विनय मिश्रा कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी हैं। उनसे भी इस साल मार्च में ईडी ने पूछताछ की थी।
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गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोयला तस्करी मामले में जांच शुरू की थी। इसके बाद ईडी ने भी मामले में समानांतर जांच शुरू की थी। सीबीआई ने नवंबर 2020 में मामला दर्ज किया था। मामले में आरोप है कि कई हजार करोड़ रुपये के अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की तस्करी पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में संचालित एक रैकेट द्वारा कई वर्षों से की गई है। जहां ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड कई खदानें चलाता है।
बीते साल अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी सीबीआई
इस मामले में पिछले साल 21 फरवरी को सीबीआई की एक टीम ने अभिषेक बनर्जी के आवास का दौरा किया था। साथ ही कोयला घोटाले में एक कथित संबंध को लेकर उनकी पत्नी रुजिरा और उनकी भाभी मेनका गंभीर को तलब किया था। बाद में ईडी ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत सीबीआई द्वारा दर्ज नवंबर 2020 की प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया, जिसमें आसनसोल और उसके आसपास राज्य के कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से संबंधित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी का आरोप लगाया गया था।
स्थानीय कोयला संचालक अनूप मांझी उर्फ लाला को इस मामले में मुख्य संदिग्ध बताया जा रहा है। ईडी ने दावा किया था कि सांसद इस अवैध व्यापार से प्राप्त धन के लाभार्थी थे। इस मामले में वह अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।