{"_id":"60de275c8ebc3ec1f7451893","slug":"cm-tirath-singh-rawat-met-bjp-president-jp-nadda-and-home-minister-amit-shah","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव की तैयारी: आधी रात को नड्डा-शाह से मिले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चुनाव की तैयारी: आधी रात को नड्डा-शाह से मिले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
Fri, 02 Jul 2021 02:49 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 02 Jul 2021 02:49 AM IST
सार
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में उपचुनाव कराने के संदर्भ में सांविधानिक पहलुओं पर चर्चा हुई
विज्ञापन
tirath singh rawat
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बुधवार को अचानक दिल्ली तलब किए गए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देर रात भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गृहमंत्री के आवास पर करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में उपचुनाव पर चर्चा हुई। रावत ने गंगोत्री विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
विज्ञापन
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में उपचुनाव कराने के संदर्भ में सांविधानिक पहलुओं पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधित्व कानून 151ए के मुताबिक किसी राज्य में विधानसभा का कार्यकाल की अवधि एक साल से कम होने पर उपचुनाव नहीं कराने का प्रावधान है। हालांकि सांविधानिक संकट की स्थिति में आयोग उपचुनाव करा सकता है।
विज्ञापन
रावत के पास नौ सितंबर तक का समय
रावत विधानसभा के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने के लिए हर हाल में छह महीने के अंदर विधानसभा की सदस्यता हासिल करनी होगी। रावत को अप्रैल में सीएम बनाया गया था। उनके पास नौ सितंबर तक का ही समय है।
विज्ञापन
उपचुनाव के लिए सीट होनी है तय
तीरथ सिंह रावत वर्तमान में लोकसभा के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने के लिए उन्हें चुनकर विधानसभा की सदस्यता लेनी है। राज्य में बेशक गंगोत्री और हल्द्वानी सीट खाली है और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की इच्छा है कि मुख्यमंत्री गंगोत्री विस सीट से उपचुनाव की तैयारी करें। लेकिन पार्टी का ही एक बड़ा खेमा मुख्यमंत्री के लिए और ज्यादा सुरक्षित सीट चाहता है। ये सीट तीरथ सिंह की गृह सीट चौबट्टाखाल बताई जा रही है।
सबसे बड़ा पेंच चुनाव आयोग की उपचुनाव पर लगी रोक
चर्चा है कि मुख्यमंत्री गंगोत्री सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन इसमें सबसे बड़ा पेंच चुनाव आयोग की उपचुनाव पर लगी रोक है। मुख्यमंत्री को 10 सितंबर से पहले चुनकर आना है।