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Bengal: 'भड़काऊ बयानबाजी से पहले 25 बार सोचना', हुमायूं कबीर के बिगड़े बोल तो CM शुभेंदु अधिकारी ने दी चेतावनी

Mon, 29 Jun 2026 08:09 PM IST
Devesh Tripathi आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 29 Jun 2026 08:09 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नौदा विधायक हुमायूं कबीर के भड़काऊ भाषणों को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि हालिया सार्वजनिक सभाओं में दिए गए बयानों के आधार पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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CM Suvendu Adhikari warns Humayun Kabir against making derogatory public speeches Rejinagar by-election
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नौदा विधायक हुमायूं कबीर को भड़काऊ और आपत्तिजनक सार्वजनिक बयान देने पर चेतावनी दी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब बहुत हो चुका है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाल ही में रेजीनगर और शक्तिपुर में आयोजित कार्यक्रमों में हुमायूं कबीर के दिए गए भाषणों को लेकर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके मुताबिक, हुमायूं कबीर यह सब इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में अपने बेटे को जिताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब इस तरह की बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और हुमायूं कबीर को संयम बरतना चाहिए।
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बयानबाजी से पहले 25 बार सोचना : शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "कान खोलकर सुन लीजिए, मैं आपको इस तरह बोलने नहीं दूंगा। नहीं दूंगा, नहीं दूंगा, नहीं दूंगा।" बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने संदेशखाली के शेख शाहजहां, कैनिंग के शौकत मोल्ला और फलता के जहांगीर खान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन सभी को विभिन्न प्रकार के अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "पुलिस कार्रवाई कर रही है। मैं एक सप्ताह के भीतर मुर्शिदाबाद जा रहा हूं। भारत का संविधान और कानून ही सर्वोपरि है। सिर्फ बयानबाजी करने वालों की नहीं चलेगी।" हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "संयम बरतिए। सावधान रहिए। ऐसे शब्द वापस लीजिए। भविष्य में इस तरह की बातें कहने से पहले 25 बार सोचिए।"

अब ममता बनर्जी नहीं हैं मुख्यमंत्री : बंगाल के सीएम
शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में हुमायूं कबीर के अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पहले दो कार्यक्रमों के भाषणों का जिक्र किया। अधिकारी ने कहा, "दो घटनाओं के बाद मुझे लगा कि अब बहुत हो चुका है। ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है। मैं आपको साफ तौर पर बता रहा हूं कि अब ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री नहीं हैं। अब तक आपने एक कमजोर मुख्यमंत्री का फायदा उठाकर जो करना था, कर लिया।"

इसके बाद मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "मैंने आपसे कहा था कि मैंने दो एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।" मुख्यमंत्री ने बताया कि 26 जून की घटना के संबंध में रेजीनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152, 196, 197, 224, 299, 351(2), 352 और 353 के तहत मामला संख्या 219 और 226 दर्ज किए गए हैं। वहीं, दूसरी घटना में शक्तिपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 176 और 226 के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है।

क्यों भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हुमायूं कबीर?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हुमायूं कबीर को इस तरह की भाषा बोलने का अधिकार किसी ने नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि किसी ने उन्हें इतनी बड़ी शक्ति नहीं दी है।" शुभेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि हुमायूं कबीर ऐसा क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। मैं इसके राजनीतिक कारण जानता हूं। इसके पीछे दो उद्देश्य हैं।"

इसके बाद उन्होंने विस्तार से कहा कि हुमायूं कबीर का पहला उद्देश्य मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर, रेजीनगर और नौदा के सभी निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को, चाहे वे किसी भी दल से जुड़े हों, अपनी पार्टी में शामिल करना है।


हुमायूं कबीर के दूसरे उद्देश्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "उन्होंने विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल की थी। नियमों के अनुसार उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी। वहां अगले दो से तीन महीने में उपचुनाव होगा। आप चाहते हैं कि उस सीट से आपका बेटा चुनाव जीते। उस विधानसभा क्षेत्र में 72 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। मुस्लिम वोटों को एकजुट करने के लिए आप यह खेल खेल रहे हैं।"

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मुख्यमंत्री के बयान के बाद हुमायूं कबीर ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। मैंने उन लोगों के खिलाफ बोला, जो 4 मई के बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और जिन्होंने इलाके में अशांति फैलाई। अगर इसके लिए मुझे गिरफ्तार किया जाता है, तो कर लिया जाए। मैंने इन्हीं लोगों के खिलाफ लड़कर नई पार्टी बनाई और चुनाव जीता।"
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