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Tamil Nadu: सीएम स्टालिन का मोदी सरकार पर हमला, कहा- केंद्र ने 10 हजार करोड़ दिए तो भी NEP लागू नहीं करेंगे

Sat, 22 Feb 2025 10:38 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: बशु जैन Updated Sat, 22 Feb 2025 10:38 PM IST
सार

सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि अगर केंद्र तमिलनाडु को 10,000 करोड़ रुपये की धनराशि देने की पेशकश भी करे तो भी वह राज्य में नई शिक्षा नीति लागू नहीं करेंगे। एनईपी का विरोध सिर्फ हिंदी थोपने के प्रयास के कारण नहीं है, बल्कि कई अन्य कारकों के कारण भी है। नई शिक्षा नीति का छात्रों के भविष्य और सामाजिक न्याय प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

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CM Stalin's attack on Modi government, said- will not implement NEP even if Center gives Rs 10 thousand crores
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन - फोटो : PTI

विस्तार

नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर छिड़े विवाद के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बार फिर मोदी सरकार हमला बोला। स्टालिन ने कहा कि अगर केंद्र तमिलनाडु को 10,000 करोड़ रुपये की धनराशि देने की पेशकश भी करे तो भी वह राज्य में नई शिक्षा नीति लागू नहीं करेंगे। 

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स्टालिन ने दावा किया कि एनईपी का विरोध सिर्फ हिंदी थोपने के प्रयास के कारण नहीं है, बल्कि कई अन्य कारकों के कारण भी है। नई शिक्षा नीति का छात्रों के भविष्य और सामाजिक न्याय प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। मेडिकल सिलेबस के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के समान आर्ट और साइंस यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट को प्रोत्साहित करने के अलावा, एनईपी छात्रों को अपनी पढ़ाई छोड़ने की अनुमति भी देगी। नई शिक्षा नीति का तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक के अलावा कांग्रेस और वामदल विरोध कर रहे हैं। द्रमुक का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार तमिलनाडु पर हिंदी थोपना चाहती है।
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अपने स्वार्थ के लिए हिंदी का विरोध कर रहे स्टालिन: आरएसएस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी अरुण कुमार ने शनिवार को कहा कि हिंदी को धीरे-धीरे एक साझा राष्ट्रीय भाषा के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के हिंदी को 'थोपने' के आरोपों को खारिज कर दिया। आरएसएस पदाधिकारी ने यह भी दावा किया कि भारत में सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं और कोई क्षेत्रीय भाषा नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से लाखों लोग हिंदी में सर्टिफिकेट कोर्स करते हैं और उन लोगों को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, जो अपने स्वार्थ के लिए इस भाषा का विरोध करते हैं।
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यह है मामला
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बीच बीते कई दिनों से जुबानी जंग जारी है। बीते दिनों राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तमिलनाडु में लागू करने से स्टालिन के इनकार पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं स्टालिन, केंद्र सरकार पर जबरन राज्य में इसे लागू करने का आरोप लगा रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कथित तौर पर यह रुख अपनाया है कि जब तक तमिलनाडु राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और तीन भाषा फार्मूले को स्वीकार नहीं कर लेता, तब तक केंद्र सरकार की तरफ से उसे फंड नहीं दिया जाएगा।

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