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SIR से पहले तेलंगाना में तैयारी: वोट कटने की आशंका पर सीएम रेवंत रेड्डी चिंतित, जानें कांग्रेस से क्या की अपील
Sat, 30 May 2026 01:31 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: Pavan
Updated Sat, 30 May 2026 01:31 AM IST
सार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जून से शुरू होने वाले एसआईआर से पहले कांग्रेस को सभी 119 विधानसभा और 17 लोकसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दौरान दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, आदिवासियों और प्रवासी मजदूरों के वोट कटने का खतरा हो सकता है।
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एसआईआर से पहले सीएम रेवंत रेड्डी अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने जून से शुरू होने जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस संगठन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से राज्य की सभी 119 विधानसभा सीटों और 17 लोकसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारी नियुक्त करने को कहा है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने न पाएं।
पीएसी की बैठक में सीएम ने जताई चिंता
शुक्रवार को कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के दौरान कई वर्गों के मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विशेष रूप से लंबाडा समुदाय, आदिवासियों और प्रवासी मजदूरों का जिक्र करते हुए कहा कि इन वर्गों के लोगों के वोट छूटने का खतरा अधिक हो सकता है।
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'पार्टी को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उनके नाम हटने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के वोट भी सूची से हट सकते हैं, इसलिए पार्टी को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा।
नियुक्ति से पहले प्रभारियों को सीएम ने दिए सलाह
इस दौरान सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि नियुक्त किए जाने वाले प्रभारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करें और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर प्रभारी सक्रियता से काम करेंगे, तभी यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।
यह भी पढ़ें- DRDO: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को मिला डीआरडीओ अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार, समीर वी कामत की लेंगे जगह
जिला प्रभारियों के रूप में काम कर रहे मंत्रियों को भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रभारियों के रूप में काम कर रहे मंत्रियों को भी निर्देश दिया कि वे हर दस दिन में कम से कम एक पूरा दिन पार्टी संगठन से जुड़े कार्यों के लिए समर्पित करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी हर दस दिन में गांव स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। अब से वह हर महीने तीन दिन केवल पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए निर्धारित करेंगे। सीएम रेवंत रेड्डी ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को एसआईआर के दौरान सामने आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान की पूरी जानकारी रखनी चाहिए, ताकि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जा सके और किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो।
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Hyderabad, Telangana: Chief Minister A Revanth Reddy drew the Congress party's action plan to protect the vulnerable sections, mainly Dalits, Minorities, Adivasi, Tribal and migrant workers from the deletion of their names in the voters' list under the SIR ( Special Intensive… pic.twitter.com/Tvw5jMWzJb
— ANI (@ANI) May 29, 2026
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पीएसी की बैठक में सीएम ने जताई चिंता
शुक्रवार को कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के दौरान कई वर्गों के मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विशेष रूप से लंबाडा समुदाय, आदिवासियों और प्रवासी मजदूरों का जिक्र करते हुए कहा कि इन वर्गों के लोगों के वोट छूटने का खतरा अधिक हो सकता है।
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'पार्टी को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उनके नाम हटने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के वोट भी सूची से हट सकते हैं, इसलिए पार्टी को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा।
नियुक्ति से पहले प्रभारियों को सीएम ने दिए सलाह
इस दौरान सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि नियुक्त किए जाने वाले प्रभारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करें और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर प्रभारी सक्रियता से काम करेंगे, तभी यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।
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जिला प्रभारियों के रूप में काम कर रहे मंत्रियों को भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रभारियों के रूप में काम कर रहे मंत्रियों को भी निर्देश दिया कि वे हर दस दिन में कम से कम एक पूरा दिन पार्टी संगठन से जुड़े कार्यों के लिए समर्पित करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी हर दस दिन में गांव स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। अब से वह हर महीने तीन दिन केवल पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए निर्धारित करेंगे। सीएम रेवंत रेड्डी ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को एसआईआर के दौरान सामने आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान की पूरी जानकारी रखनी चाहिए, ताकि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जा सके और किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो।