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Manipur: CM सिंह ने मणिपुर को बताया 34 मान्यता प्राप्त जनजातियों का घर, कहा- हम फिर से शांति ला सकते हैं
Thu, 15 Aug 2024 02:38 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 15 Aug 2024 02:38 PM IST
सार
सीएम सिंह ने मौजूदा अशांति के लिए राज्य को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे बाहरी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। जारी संघर्ष पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सभी 34 मान्यता प्राप्त जनजातियों का घर है।
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मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
मणिपुर में पिछले साल से हालात बिगड़े हुए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक बार फिर शांति बहाल करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य 34 मान्यता प्राप्त जनजातियों का घर है। उन्होंने कहा कि हम राज्य में फिर शांति ला सकते हैं।
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राज्य को अस्थिर करने के लिए बाहरी तत्व जिम्मेदार
यहां प्रथम मणिपुर राइफल्स मैदान में 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीएम सिंह ने भाग लिया। उन्होंने मौजूदा अशांति के लिए राज्य को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे बाहरी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। जारी संघर्ष पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सभी 34 मान्यता प्राप्त जनजातियों का घर है। इनमें थदोऊ, हमार, सिमटे, मेइतैई, तांगखुल, माओ, मारम, अनल और लमकांग शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह मणिपुर किसी एक समुदाय के लिए नहीं है। हम सभी को एकजुट और मजबूत भारत के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए।
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हालिया चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री सिंह ने राज्य के भविष्य में विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अगर तीन मई 2023 को हिंसा नहीं हुई होती तो मणिपुर ने अब जो प्रगति और विकास हासिल किया होता वह अकल्पनीय होता। हालांकि, हम खोए हुए समय की भरपाई के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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जांच करने पर सच आया सामने
उन्होंने कहा, 'यह संकट तब सामने आया जब हमने जांच शुरू की और पाया कि बाहर से लोग चुपचाप राज्य में घुस आए थे, जिसका उद्देश्य इसे तोड़ना था। यह सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि अगर हम चुप रहते तो स्थानीय लोगों के साथ क्या होता।'
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से क्षेत्र में शांति लाने के लिए राजनीतिक और व्यक्तिगत एजेंडे को अलग रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर मुद्दों से निपटना चाहिए। एकता और ईमानदारी से शांति जरूर हासिल की जा सकती है, लेकिन हमारे बीच कोई षड्यंत्र या उकसावा नहीं होना चाहिए। सिंह ने पिछले साल तीन मई को हुई हिंसा का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने राज्य में विकास का विरोध करने वाले समूहों को जिम्मेदार ठहराया।
स्वार्थ में डूबे लोगों का एक वर्ग का राज्य को तोड़ने का लक्ष्य
उन्होंने कहा, 'स्वार्थ में डूबे लोगों का एक वर्ग का राज्य को तोड़ने का लक्ष्य हैं और यही तत्व दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का कारण बने। हिंसा ने बहुत कठिनाई पैदा की है। मगर सरकार राहत शिविरों में दैनिक आवश्यक वस्तुएं, स्वास्थ्य प्रावधान और शिक्षा प्रदान कर रही है।'
आर्थिक योजनाएं बताईं
सिंह ने आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) को पूर्व-निर्मित घरों में स्थानांतरित करने और उन्हें आर्थिक आजीविका योजनाएं प्रदान करने के लिए चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इंफाल में भीड़भाड़ कम करने के लिए 51.23 किलोमीटर रिंग रोड और 111 किलोमीटर लंबी इंफाल-जिरिबाम रेलवे परियोजना सहित केंद्र सरकार की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य राजधानी को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है।
सिंह ने कहा, 'केंद्र सरकार इस साल की शुरुआत में बाढ़ और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए घरों के पुनर्निर्माण में भी सहायता कर रही है।' उनका कहना है कि हिंसा के मनोवैज्ञानिक प्रभाव से निपटने में लोगों की मदद करने के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
सिंह ने हॉकी खिलाड़ी नीलकांत शर्मा और भारोत्तोलक मीराबाई चानू सहित मणिपुर के एथलीटों की सराहना की और अगले साल अक्तूबर तक राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय को पूरा करने की योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा, 'हम विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं।'