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टिप्पणी मामला : चुनाव आयोग के नोटिस पर ममता का जवाब, मुझे परवाह नहीं

Sat, 10 Apr 2021 04:11 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, ब्यूरो, कोलकाता।
एजेंसी, ब्यूरो, कोलकाता। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 10 Apr 2021 04:11 AM IST
सार

  • शनिवार सुबह 11 बजे तक देना है जवाब
  • ममता ने पलटवार करते हुए उल्टे चुनाव आयोग पर ही प्रश्न दागे

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cm Mamata Banerjee do not care of the notice of Election Commission
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : ANI

विस्तार

चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुरक्षा बलों पर दिए गए बयान को झूठा, भड़काऊ  और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शुक्रवार को नोटिस जारी किया। वहीं, ममता बनर्जी ने आयोग पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है।

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ममता ने कहा, जब तक कें द्रीय बल भाजपा के लिए काम करना बंद नहीं करेंगे मैं उनके खिलाफ बोलती रहूंगी। बता दें, चुनाव आयोग ने ममता को यह दूसरा नोटिस जारी किया है। इसका जवाब उन्हें शनिवार को सुबह 11 बजे तक देना है। इससे पहले भी सीएम को चुनाव आयोग ने नोटिस दिया था, जिस पर ममता ने पलटवार करते हुए उल्टे चुनाव आयोग पर ही प्रश्न दागे।
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सुरक्षा बलों पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण
आयोग द्वारा जारी नोटिस में टीएमसी प्रतिनिधि मंडल द्वारा चुनाव आयोग से 21 फरवरी को बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ के जवानों पर एक दल विशेष के समर्थन में ग्रामीणों को  मतदान करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया था।
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इसके लिए लिखित शिकायत भी आयोग को दी थी, जिसके आधार पर आयोग ने बनर्जी को नोटिस दिया, इसमें बीएसएफ पर लगे आरोपों पर आयोग ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। आयोग का कहना है कि बीएसएफ पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बीएसएफ देश के बेहतरीन सुरक्षा बलों में से है। ऐसे में उसकी निष्ठा पर सवालिया निशान लगाना गलत है।

इसके अलावा आयोग ने इस नोटिस में ममता के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने सीआरपीएफ  पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया था।  

नोटिस में आयोग ने स्पष्ट किया है कि सीआरपीएफ समेत सभी अर्द्धसैनिक बलों की चुनावों को सपन्न कराने में अहम भूमिका रहती है। इसलिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के आरोप निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है,  बल्कि चुनावों के बाद भी केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवालिया निशान लग सकता है।

इसलिए बनर्जी का बयान चुनाव आचार संहिता के अलावा आईपीसी की धारा 186,189 और 505 का उल्लंघन है। उन्हें तय समय के भीतर जवाब देना होगा, यदि वह जवाब देने में असफल रहती हैं तो आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।

पहले नोटिस पर ममता का आयोग पर पलटवार
मुस्लिम वोट बैंक को बांटने से रोकने वाले बयान पर आयोग से मिले नोटिस के जवाब में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार किया है।  ममता ने पीएम मोदी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।  कितनी शिकायतें दर्ज कराई गईं पर किसी पर सुनवाई नहीं हुई है।


 उन्होंने कहा नंदीग्राम में मुसलमानों को पाकिस्तानी कहने वाले लोगों की कितनी शिकायतें आयोग से की गई पर कार्रवाई नहीं हुई। ममता ने कहा उन्हें आयोग 10 नोटिस दे वह अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने वोटरों से एकजुट होने का आह्वान किया था, ना कि उन्हें सांप्रदायिक आधार पर बांटने का, जैसा अन्य दल कर रहे हैं।

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