Saffron Colour: भगवा रंग देख भड़कते क्यों हैं कांग्रेसी? बोम्मई के सवाल पर प्रियंक खरगे का तीखा वार
कर्नाटक की भाजपा सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में बने 8,100 क्लास रूम का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर करने का फैसला किया है। राज्य सरकार इन कक्षाओं का रंग स्वामी विवेकानंद के भगवा रंगों की तरह रंगना चाहती है।
विस्तार
कर्नाटक में 'विवेका क्लासेस' के भगवा रंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रंग को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर सीएम बसवराज बोम्मई ने सवाल किया कि कांग्रेस भगवा रंग को लेकर इतनी नाराज क्यों है? यह रंग तो देश के राष्ट्रीय ध्वज में भी है। सीएम के सवाल पर कर्नाटक के कांग्रेस विधायक प्रियंक खरगे ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सबसे राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा चाहे तो भगवे को तिरंगे में भी शामिल कर दे।
सीएम बोम्मई ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति करना ठीक नहीं है। विवेका क्लासेस का रंग 'भगवा' होने की मीडिया रिपोर्ट और उस पर कांग्रेस की आपत्ति के बाद उन्होंने यह बात कही।
Bengaluru | It's not right to do politics on such issues. Saffron is also a colour in our national flag. Why're they (Congress) so unhappy when they see saffron colour?: Karnataka CM Basavaraj Bommai on reports that 'Viveka' classes to be colour coded in saffron pic.twitter.com/lxeAFjjx4S
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— ANI (@ANI) November 14, 2022
स्वामी विवेकांनद के नाम होंगे क्लास रूम, भगवा में रंगी जाएंगी कक्षाएं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक की भाजपा सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में बने 8,100 क्लास रूम का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर करने का फैसला किया है। राज्य सरकार इन कक्षाओं का रंग स्वामी विवेकानंद के भगवा रंगों की तरह रंगना चाहती है। इस फैसले से कई विवादों से जूझ रहे कर्नाटक में एक और विवाद छिड़ गया है।
विवेका क्लासेस को भगवा रंग में रंगने का काम 992 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हो चुका है। कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल सरकारी संपत्ति के भगवाकरण का आरोप लगा रहे हैं। राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम के पुनर्गठन के दौरान भी विपक्ष ने भाजपा सरकार पर दक्षिणपंथी विचारधारा को थोपने का आरोप लगाया था। अब कक्षाओं के नामकरण और उनके रंग को लेकर एक और विवाद पैदा हो गया है।
हम सरकार की प्राथमिकता का विरोध कर रहे : कांग्रेस
उधर, कर्नाटक के कांग्रेस विधायक प्रियंक खरगे का कहना है कि हम भगवा का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं का विरोध कर रहे हैं। शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। शिक्षकों की कमी है। स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी सरकार की प्राथमिकता दीवारों को पेंट करने की है?
राष्ट्रध्वज में भी भगवा रंग शामिल कर दें
प्रियंक खरगे ने कहा कि स्कूलों को ही क्यों, आप 'भाजपा' आजाद भारत की सबसे राष्ट्रवादी पार्टी होने का दावा करते हैं, इसलिए तिरंगे में भी भगवा रंग भर दें। आप सफाई में क्या कह रहे हैं कि वास्तुकार ने भगवा रंग का सुझाव दियाहै। क्या कर्नाटक सरकार और विभाग अब वास्तुकार और राजमिस्त्री चला रहे हैं?
Not opposing saffron but Govt's priorities. There's crumbling infrastructure,teachers' shortage, no budget allocated for complete infrastructure, dropouts increasing&what's Govt's priority? Painting of wall?: P Kharge on reports that 'Viveka' classes to be colour coded in saffron pic.twitter.com/fwRVUCZtBx
— ANI (@ANI) November 14, 2022