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Manipur: CM बीरेन सिंह बोले- अवैध अप्रवासियों को हम स्वीकार नहीं करेंगे, राज्य में हिंसा अंतरराष्ट्रीय साजिश
Tue, 24 Oct 2023 09:12 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 24 Oct 2023 09:12 PM IST
सार
इंफाल पूर्वी जिले में तीन परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि हमारी सरकार मणिपुर में अवैध अप्रवासियों को कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह
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विस्तार
मणिपुर में अवैध अप्रवासियों को लेकर सीएम बीरेन सिंह ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा, हमारी सरकार मणिपुर में अवैध अप्रवासियों को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। साथ ही उन्होंने स्वदेशी समुदायों को अपने ऐतिहासिक संबंध बनाए रखने की सलाह दी। सीएम बीरेन ने कहा, मोइरांग का जातीय पार्क, जहां राज्य के 34 स्वदेशी समुदायों के पारंपरिक घर प्रदर्शित हैं, लोगों के भीतर मौजूद भावनात्मक संबंधों का प्रमाण है।
इंफाल पूर्वी जिले में तीन परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, मैं पारंपरिक और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 34 समुदायों के बीच मौजूद पुराने बंधन को बनाए रखने के लिए आपका समर्थन चाहता हूं। हालांकि, मैं अवैध प्रवासियों को कभी भी अनुमति नहीं दूंगा और स्वीकार नहीं करूंगा।
सीएम बीरेन बोले, सीकेएलए के दो लोग गिरफ्तार
उन्होंने कहा, सोमवार को चुराचांदपुर जिले में म्यांमार स्थित संगठन चिन कुकी लिबरेशन आर्मी (सीकेएलए) के दो कैडरों की गिरफ्तारी से राज्य में जातीय संघर्ष में बाहरी समूहों की भागीदारी का पता चला है, जो मई की शुरुआत में शुरू हुआ था, जिसमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे। सीकेएलए कैडरों को भारत-म्यांमार सीमा पर चाईजांग क्षेत्र से पकड़ा गया और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया।
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सीएम बीरेन बोले, हिंसा में अंतरराष्ट्रीय साजिश शामिल
संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, हमारा मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया है। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मणिपुर में मुद्दा न तो अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक, न ही साम्प्रदायिक है। यह आतंकी समूहों द्वारा भारतीय संघ के खिलाफ युद्ध छेड़ने का है। मणिपुर स्थित संगठनों के सहयोग से म्यांमार और बांग्लादेश के समूह भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
बता दें मणिपुर में 3 मई को जातीय हिंसा तब भड़क गई जब बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में जनजातीय एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया। मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नागा और कुकी 40 प्रतिशत से कुछ अधिक हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।
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इंफाल पूर्वी जिले में तीन परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, मैं पारंपरिक और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 34 समुदायों के बीच मौजूद पुराने बंधन को बनाए रखने के लिए आपका समर्थन चाहता हूं। हालांकि, मैं अवैध प्रवासियों को कभी भी अनुमति नहीं दूंगा और स्वीकार नहीं करूंगा।
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सीएम बीरेन बोले, सीकेएलए के दो लोग गिरफ्तार
उन्होंने कहा, सोमवार को चुराचांदपुर जिले में म्यांमार स्थित संगठन चिन कुकी लिबरेशन आर्मी (सीकेएलए) के दो कैडरों की गिरफ्तारी से राज्य में जातीय संघर्ष में बाहरी समूहों की भागीदारी का पता चला है, जो मई की शुरुआत में शुरू हुआ था, जिसमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे। सीकेएलए कैडरों को भारत-म्यांमार सीमा पर चाईजांग क्षेत्र से पकड़ा गया और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया।
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सीएम बीरेन बोले, हिंसा में अंतरराष्ट्रीय साजिश शामिल
संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, हमारा मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया है। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मणिपुर में मुद्दा न तो अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक, न ही साम्प्रदायिक है। यह आतंकी समूहों द्वारा भारतीय संघ के खिलाफ युद्ध छेड़ने का है। मणिपुर स्थित संगठनों के सहयोग से म्यांमार और बांग्लादेश के समूह भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
बता दें मणिपुर में 3 मई को जातीय हिंसा तब भड़क गई जब बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में जनजातीय एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया। मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नागा और कुकी 40 प्रतिशत से कुछ अधिक हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।