फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Clinton had said two kinds of people in the world, one who saw the taj and other who did not see

क्लिंटन ने कहा था- दुनिया में दो तरह के लोग, एक जिन्होंने ताज देखा, दूसरे जिन्होंने नहीं देखा

Mon, 24 Feb 2020 03:38 AM IST
संजीव कुमार झा अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 24 Feb 2020 03:38 AM IST
सार

  • क्लिंटन की ताज यात्रा के दौरान यूपी सरकार के मंत्री अशोक यादव ने निभाई थी अहम जिम्मेदारी
  • अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने ताजमहल देखने के पहले पूरे परिसर को अपने अधिकार में ले लिया था

विज्ञापन
Clinton had said two kinds of people in the world, one who saw the taj and other who did not see
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने वर्ष 2000 में अपनी भारत यात्रा के दौरान ताजमहल का भी दीदार किया था। ताजमहल देखने के बाद क्लिंटन ने कुछ ऐसे शब्द कहे थे जिसे सुनकर पूरी दुनिया के लोग इसे देखने भारत आने लगे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा था कि इस दुनिया में दो तरह के लोग रहते हैं- एक जिन्होंने ताजमहल देखा है, दूसरे वे जिन्होंने इसे नहीं देखा है। उनकी इस यात्रा में उनकी बेटी चेल्सी क्लिंटन भी उनके साथ थीं। बताते हैं कि क्लिंटन के इस बयान के बाद अमेरिकी-यूरोपीय देशों से भारी संख्या में दर्शक ताज का दीदार करने के लिए भारत आने लगे और इससे देश के पर्यटन व्यवसाय को काफी लाभ मिला।
विज्ञापन


क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। उत्तर प्रदेश में रामप्रकाश गुप्ता की सरकार थी। उन्होंने अपने एक बेहद काबिल मंत्री अशोक यादव को ताजमहल की यात्रा के दौरान क्लिंटन परिवार के आवभगत की जिम्मेदारी दे रखी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यटन मंत्री अशोक यादव ने अपनी उस जिम्मेदारी को निभाते हुए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता, प्रदेश के डीजीपी और आगरा एटीसी के अधिकारियों से मुलाकात की और क्लिंटन परिवार की हर सुख-सुविधा का ध्यान रखा।

अशोक यादव ने क्लिंटन के दौरे को याद करते हुए अमर उजाला से कहा कि उन्होंने क्लिंटन सरकार के अधिकारियों से बातचीत कर उनकी प्राथमिकताएं समझते हुए उनकी हर सुख-सुविधा का ख्याल रखा था जिससे क्लिंटन काफी प्रभावित हुए थे।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने ताजमहल देखने के पहले पूरे परिसर को अपने अधिकार में ले लिया था। वे हर विषय पर अधिकारपूर्वक भारतीय अधिकारियों से सवाल कर रहे थे। ताज को देखने के समय कौन कहां रहेगा, यह भी वे ही तय कर रहे थे। इसका उन्होंने यह कहते हुए विरोध किया था कि ताजमहल उनके देश का है और यहां की प्राथमिकताएं तय करने का अधिकार उनके पास है।

अपने अधिकारियों के भारतीय अधिकारियों से उग्र स्वभाव में बात करने की यह बात स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भी पता चल गईं। ताजमहल का दीदार करने के बाद उन्होंने अशोक यादव से उनके स्वाभिमानी व्यवहार की काफी तारीफ भी की थी।

अशोक यादव बताते हैं कि बेहतरीन वक्ता और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी क्लिंटन दूसरे लोगों की भावनाओं का सम्मान करना जानते थे। यही कारण रहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय की उनकी यात्रा बेहद सफल रही। 

पीएम मोदी ने बढ़ाया भारत का सम्मान

अशोक यादव बताते हैं कि उस वक्त से आज के वक्त में यह बड़ा परिवर्तन आया है कि अब दुनिया का कोई भी देश हमसे आंख दिखाकर बात नहीं करता। बल्कि वह बराबरी और सम्मान की भाषा में बात करता है। उनके मुताबिक यह बड़ा बदलाव लाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है जिनके प्रयासों के कारण पूरी दुनिया में भारत की साख मजबूत हुई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed