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वायरल वीडियो में दावा: भोजन बदलकर रोकें कोरोना, विशेषज्ञ बोले-संक्रमित हैं तो ये खाना रहेगा बेहतर

Thu, 06 May 2021 06:16 PM IST
सुरेंद्र जोशी अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 06 May 2021 06:16 PM IST
सार

देश के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि कोरोना संक्रमित लोगों को क्या भोजन करना चाहिए जिससे वे कोरोना संक्रमित होने के बाद भी जल्द स्वस्थ हो सकें।
 

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Claim in viral video: prevent corona by changing food, experts say - if you are infected then this food will be better
कोरोना के दौरान संतुलित भोजन जरूरी

विस्तार

सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला स्वयं को डॉक्टर बताते हुए दावा करती है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाए तो भी उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोग केवल भोजन में शामिल खाद्य पदार्थ बदलकर अपने शरीर के अंदर ही कोरोना को खत्म कर सकते हैं। महिला संक्रमित लोगों को क्या खाना चाहिए, और क्या नहीं खाना चाहिए, यह भी बताती है।

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वीडियो के अनुसार कोरोना वायरस केवल शुगर कंटेंट पर जीवित रहता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाए और वह केवल शुगर खाना बंद कर दे तो वायरस को उसके लिए आवश्यक शुगर कंटेंट नहीं मिलेगा। इस तरह वह संक्रमित व्यक्ति के शरीर में चार-पांच दिन के अंदर स्वयं ही मर जाएगा। वीडियो में संक्रमित लोगों को किसी भी प्रकार का शुगर और कार्बोहाइड्रेट (चीनी, रोटी, चावल) खाने से मना करती है और उन्हें केवल प्रोटीन की अधिकता वाले पदार्थ जैसे मांस, अंडा या सब्जियां खाने की सलाह देती हैं।  
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अब तक ऐसा कोई अध्ययन नहीं: विशेषज्ञ
आईसीएमआर (ICMR) में माइक्रोबायोलॉजी की वैज्ञानिक डॉक्टर निवेदिता गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि अभी तक इस तरह का कोई अध्ययन नहीं हुआ है, जिससे यह प्रमाणित होता हो कि शुगर कंटेंट न खाने और केवल प्रोटीन खाने से कोरोना वायरस को पनपने से रोका जा सकता है। सच तो यह है कि कोई भी वायरस जब तक किसी शरीर के अंदर नहीं जाता है, यह सुषुप्तावस्था में रहता है और निर्जीव चीजों के सामान होता है। लेकिन जैसे ही यह संक्रमण के लिए उपयुक्त किसी जीव के शरीर के अंदर पहुंचता है, यह सक्रिय हो जाता है और सजीव हो उठता है। जीव के शरीर की कोशिकाओं की ताकत को इस्तेमाल करते हुए वायरस स्वयं को बढ़ाना शुरू कर देता है। धीरे-धीरे वायरस अपनी प्रकृति के अनुसार जीव के किसी अंग विशेष या पूरे शरीर पर हमला कर उसे स्थायी या अस्थायी नुकसान पहुंचा देता है।
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अगर कोई व्यक्ति शुगर कंटेंट न भी ले रहा हो तो भी वायरस की चपेट में आ जाने के बाद वायरस उसकी कोशिकाओं की ताकत का इस्तेमाल कर अपनी वृद्धि जारी रख सकता है। ऐसे में इस बात की कोई संभावना नहीं है कि केवल शुगर कंटेंट न लेने से व्यक्ति के अंदर कोरोना का वायरस खत्म हो सकता है।

शुगर के मरीजों पर वायरस का अटैक ज्यादा क्यों?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के वरिष्ठ डॉक्टर नरेंद्र सैनी का कहना है कि शुगर मरीजों की रक्त नाड़ियां सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में शरीर में दबाव बढ़ने पर उनमें ऑक्सीजन का प्रवाह कम होने की आशंका ज्यादा होती है।  डॉ. सैनी कहते हैं कि कोरोना मरीजों के फेफड़ों को सिकोड़ देता है, जिससे स्वच्छ हवा या ऑक्सीजन को शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाना मुश्किल होता जाता है। इसलिए शुगर मरीजों, मोटापे के शिकार लोगों या ह्रदय रोगियों पर कोरोना ज्यादा घातक साबित होता है और इसीलिए ऐसे लोगों को शुगर कंटेंट वाली चीजों को खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

सटीक तौर पर इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि केवल शुगर कंटेंट न खाने से कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। चूंकि सभी खाद्य पदार्थों में कम या अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, शुगर और प्रोटीन होता ही है, इसलिए सलाह दी जाती है कि शुगर मरीज केवल वही पदार्थ खाएं जिनमें शुगर कंटेंट अपेक्षाकृत कम मात्रा में उपलब्ध हों।

क्या खाएं कोरोना संक्रमित मरीज

विशेषज्ञों की सलाह है कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद भी अपना भोजन सामान्य बनाए रखने की कोशिश करें। अगर शुगर, हाइपरटेंशन या हृदयरोग के मरीज हैं तो शुगर कंटेंट कम रखने वाली चीजें खाएं। भोजन में प्रोटीन B, C और जिंक की अधिकता वाले भोज्य पदार्थ, दालें, पनीर या अंडे जैसी चीजें ही खाएं।

कोरोना में बुखार के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है, इसलिए समय-समय पर पानी पीते रहें। लगातार पानी पीने से पेशाब के साथ हानिकारक रासायनिक तत्त्व (टॉक्सिक कंटेंट) बाहर निकलते रहेंगे, जिससे शरीर ज्यादा सुचारू रूप से काम करता रहेगा।

वायरस से निबटने के ये हैं तरीके
कोरोना वायरस अलग-अलग सतह पर दो से पांच दिनों तक जीवित रह सकता है। इस बीच अगर कोई उसके संपर्क में न आए तो वह स्वत: समाप्त हो जाता है। ऐसे में सबके द्वारा केवल मास्क पहनकर, शारीरिक दूरी बनाए रखकर, मेलमिलाप या सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकार ही कोरोना संक्रमण को स्थाई तौर पर खत्म करने की कोशिश की जा सकती है। इस बीच सभी को वैक्सीन लगवाकर संक्रमण से बचने की कोशिश करनी चाहिए। 

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