फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJP Protest: Supreme Court stern on harassment of minor girl; says no accused should be shielded.

सीजेपी प्रदर्शन: नाबालिग लड़की के उत्पीड़न पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- किसी आरोपी को बचाया नहीं जाना चाहिए

Thu, 10 Sep 2026 05:03 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 10 Sep 2026 05:03 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की के उत्पीड़न मामले को गंभीर मानते हुए दिल्ली और यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी को बचाया नहीं जाना चाहिए। कोर्ट ने एफआईआर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

विज्ञापन
CJP Protest: Supreme Court stern on harassment of minor girl; says no accused should be shielded.
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जुलाई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल एक नाबालिग लड़की के उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि किसी को भी आपराधिक कार्रवाई करने के लिए पीड़ित या उसके परिवार को डराने-धमकाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से लड़की की एफआईआर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा और इस मामले पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकारों से रिपोर्ट मांगी।
विज्ञापन


बेंच ने कहा क्या कहा? 
बेंच ने कहा, 'ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अगर किसी बच्चे के खिलाफ हिंसा का मामला हो तो किसी को भी बचाया नहीं जाना चाहिए। अगर ऐसे कामों के आरोपी खुलेआम घूम रहे हों और बच्चे या उसके परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हों ताकि वे आपराधिक कार्रवाई न करें, तो यह एक गंभीर मामला होगा।'
विज्ञापन
विज्ञापन


लड़की के वकील ने कोर्ट को क्या बताया? 
14 साल की लड़की के वकील ने कोर्ट को बताया कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने वीडियो में दावा किया था कि उसने लड़की के पिता पर हमला किया था। इस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद लड़की को परेशान किया गया और उसके घर में तोड़-फोड़ की गई।

बिना किसी का नाम लिए वकील ने कहा कि जो लोग आरोपी के साथ थे और कथित तौर पर कैमरे में कैद हुए थे, उन पर कार्रवाई करने के बजाय बच्चे के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली गई। वकील ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश के भी खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि ऐसा वीडियो रिकॉर्ड पर रखा जा सकता है जिसमें लड़की के घर पर पत्थरबाजी होती दिख रही है। वकील ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'हाई-पावर्ड कमेटी को समय लगेगा, लेकिन अगर इस बीच बच्चे के साथ कुछ हो जाता है, तो कमेटी के जरिए उसे बाद में ठीक या बदला नहीं जा सकेगा।'

सीजेपी ने क्या कहा? 
इस बात का जवाब देते हुए सीजेपी ने कहा, 'अगर ऐसे असामाजिक तत्व हैं जिन्होंने बच्चे के खिलाफ हिंसा की है। वे खुलेआम घूम रहे हैं और बच्चे को डरा-धमका रहे हैं, तो यह एक गंभीर बात हो सकती है।'

स्वतंत्र भारद्वाज वाला मामला क्या है? 
इससे पहले, 5 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग एक्टिविस्ट के पिता पर कथित हमले के मामले में हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर में SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट और आपराधिक धमकी देने की धाराएं जोड़ी थीं। कथित हमले के मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीजेपी द्वारा पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद भारद्वाज को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था।


यह कार्रवाई एक इंटरव्यू पर हुए हंगामे के बाद की गई है, जिसमें भारद्वाज ने दावा किया था कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने नाबालिग एक्टिविस्ट के पिता का सिर फोड़ दिया था और अपने राजनीतिक संपर्कों की वजह से गिरफ्तारी से बच गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed