फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI Suryakant is concerned about paper leaks and coaching culture, Preparation for major changes in CLAT

विधि विश्वविद्यालयों की पहली राष्ट्रीय बैठक: पेपर लीक-कोचिंग कल्चर पर CJI चिंतित, CLAT में बड़े सुधार की जरूरत

Mon, 25 May 2026 05:34 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 25 May 2026 05:34 AM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना खत्म हो और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाई जाए। उन्होंने इस दिशा में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।

विज्ञापन
CJI Suryakant is concerned about paper leaks and coaching culture, Preparation for major changes in CLAT
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों और प्रवेश परीक्षाओं में बढ़ते कोचिंग कल्चर पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कानून की पढ़ाई में दाखिले के लिए होने वाली कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) परीक्षा में बड़े सुधारों की जरूरत बताई।
विज्ञापन


भोपाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) के कुलपति और कुलाधिपति एक मंच पर जुटे। बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने की। इस दौरान उन्होंने क्लैट परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्रों के लिए समान अवसर वाला बनाने पर जोर दिया। सीजेआई ने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं का स्वरूप ऐसा होना चाहिए कि 12वीं पास छात्र बिना किसी महंगी कोचिंग के भी परीक्षा दे सकें और सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र इस तरह तैयार किए जाएं, जिनके लिए पहले से कानून की विशेष पढ़ाई या कोचिंग जरूरी न हो। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वर्तमान समय में कई कोचिंग संस्थान क्लैट की तैयारी के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये वसूल रहे हैं। कुछ संस्थान छह महीने के कोर्स के लिए दो से ढाई लाख रुपये तक फीस लेते हैं।
विज्ञापन


केंद्र को भेजा जाएगा विस्तृत प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जा सकता है। बैठक में यूजीसी चेयरमैन विनीत जोशी भी मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से विधि विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और प्रशासनिक सुधारों के लिए ठोस व्यवस्था बनाने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना खत्म हो और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाई जाए। उन्होंने इस दिशा में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। एक राष्ट्रीय विधि के कुलपति ने 'अमर उजाला' से बातचीत में कहा कि अगर क्लैट परीक्षा में प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो इससे परीक्षा प्रणाली अधिक निष्पक्ष हो सकती है और छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।


विधि विश्वविद्यालयों के वित्तीय संकट पर भी चर्चा
इस बैठक में देशभर के कई विधि विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। कुलपतियों ने बताया कि कई संस्थान गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं। कई विश्वविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी है, जबकि कुछ जगहों पर वेतन भुगतान तक में दिक्कत आ रही है। अभी देश के अधिकांश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज राज्य सरकारों के अधीन संचालित होते हैं। बैठक में इन्हें आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर केंद्रीय ढांचे के तहत लाने का प्रस्ताव भी सामने आया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed