{"_id":"615850e48ebc3e624a3eb9e0","slug":"cji-ramans-opinion-vibrant-judiciary-is-necessary-for-healthy-democracy-nalsa-should-reaches-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीजेआई रमण की राय: स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जीवंत न्यायपालिका जरूरी, नालसा लोगों तक पहुंचे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सीजेआई रमण की राय: स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जीवंत न्यायपालिका जरूरी, नालसा लोगों तक पहुंचे
Sat, 02 Oct 2021 06:00 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 02 Oct 2021 06:00 PM IST
सार
बकौल जस्टिस रमण लोकतंत्र की गुणवत्ता न्याय की गुणवत्ता पर टिकी हुई है। 'पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन' के शुभारंभ के मौके पर उन्होंने यह बात कही।
विज्ञापन
एन वी रमण, मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीजेआई एनवी रमण का कहना है कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जीवंत न्यायपालिका जरूरी है। लोकतंत्र की गुणवत्ता न्याय की गुणवत्ता पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने कुछ गहरी समस्याओं को उजागर किया है। वह केंद्र सरकार को न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने के लिए धन्यवाद देते हैं। इन नियुक्तियों की वजह से लंबित मुकदमों का बोझ कुछ कम होगा।
विज्ञापन
जस्टिस रमण 'पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन' के शुभारंभ के मौके पर कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जीवंत न्यायपालिका बेहद जरूरी है। मई के बाद हमने उच्च न्यायालयों में 106 से अधिक जजों की नियुक्ति की सिफारिश की है। सरकार को धन्यवाद देते हैं, क्योंकि उसने कुछ सिफारिशों को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
जस्टिस रमण ने कहा कि देश के लोगों को यह महसूस करना चाहिए कि कानून और संस्थान सभी के लिए हैं। लोगों का विश्वास लोकतांत्रिक देश के संस्थानों को मजबूत करता है। लोकतंत्र की गुणवत्ता न्याय की गुणवत्ता पर आश्रित है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का लक्ष्य होना चाहिए कि जरूरतमंद हम तक नहीं पहुंच सकें तो वह जरूरतमंदों तक पहुंचे।
विज्ञापन
निर्धन लोगों को उचित मूल्य पर मिले सेवाएं: राष्ट्रपति
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की। गांधीजी की 152 वीं जयंती के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में कोविंद ने वकीलों से आग्रह किया कि वे कुछ वक्त निकालें और गरीबों को कानूनी सेवा प्रदान करें। राष्ट्रपिता द्वारा दक्षिण अफ्रीका में की गई सेवा का जिक्र करते हुए उन्होंने यह आग्रह किया। राष्ट्रपति कोविंद ने गांधीजी के बयान को याद करते हुए कहा कि वह कहते थे कि निर्धनतम व्यक्ति को श्रेष्ठतम कानूनी सेवाएं उचित शुल्क पर उपलब्ध होना चाहिए।
लोगों के द्वार तक न्याय पहुंचाने की पहल सराहनीय: रिजिजू
केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने लोगों के द्वार तक न्याय प्रदान करने में अनुकरणीय भूमिका निभाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की सराहना की। कार्यक्रम में जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के कई जज और बार एसोसिएशन के सदस्य मौजूद थे।