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चीफ जस्टिस 'मास्टर ऑफ रोस्टर', कौन सा मामला किस जज के पास भेजना है यह उनका अधिकार: केंद्र

Sat, 28 Apr 2018 03:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 28 Apr 2018 03:23 AM IST
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CJI has full power to allocate cases says modi government in supreme court

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि चीफ जस्टिस मास्टर ऑफ रोस्टर हैं। कौन सा मामला किस जज के पास भेजना है, यह तय करने का अधिकार उन्हें ही है। 

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न्यायिक अनुशासन बनाए रखने के लिए यह जरूरी है और ऐसा न हुआ तो कोर्ट का सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका में सीजेआई के मास्टर ऑफ रोस्टर के अधिकार को चुनौती दी गई है।  
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जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ के समक्ष अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि किस मामले को किस पीठ के पास भेजा जाना चाहिए, इसे एक ही व्यक्ति को तय करना चाहिए और वह व्यक्ति चीफ जस्टिस हैं। 
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यह ऐसा मसला नहीं है कि जिसे कई जजों के द्वारा तय किया जाए। यदि कोलेजियम या फुल कोर्ट रोस्टर तय करने लगा तो अराजकता जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पिछली सुनवाई में पीठ ने वेणुगोपाल को इस मामले में मदद करने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह व्यवस्था दे चुका है कि सीजेआई मास्टर ऑफ रोस्टर होते हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे और प्रशांत भूषण ने कहा कि केस का आवंटन या तो कोलेजियम द्वारा किया जाना चाहिए या फुल कोर्ट द्वारा। उन्होंने कहा कि मामले के आवंटन को लेकर भारी अनियमितताएं हैं। उन्होंने कुछ उदाहरण भी पेश किए। यह देखने की जरूरत है कि आखिर मामलों को किस तरीके से सूचीबद्ध किया जा रहा है। 

विवादों के बीच इंदु मल्होत्रा ने ली जज की शपथ

CJI has full power to allocate cases says modi government in supreme court
इंदु मल्होत्रा - फोटो : SELF
उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की सिफारिश लौटाए जाने से उत्पन्न विवाद के बीच वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की जज के रूप में शपथ ली। 

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कोर्ट नंबर एक में आयोजित समारोह में 61 वर्षीय मल्होत्रा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट के 67 साल के इतिहास में यह तीसरा मौका होगा जब एक साथ दो महिला जज होंगी। मल्होत्रा को मिलाकर सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 25 हो गई है जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 31 है।
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