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CJI: 'सहयोगियों को विदा करना मुश्किल भरा काम', जस्टिस अनिरुद्ध बोस के विदाई समारोह में बोले सीजेआई चंद्रचूड़
Tue, 09 Apr 2024 08:52 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 09 Apr 2024 08:52 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा आयोजित विदाई समारोह में बोलते हुए न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि शीर्ष अदालत, कलकत्ता हाईकोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट में अनिरुद्ध बोस के योगदान ने कानूनी परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
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मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस को एक शानदार न्यायाधीश और एक शास्त्रीय बांग्ला 'भद्रलोक' (सज्जन व्यक्ति) बताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के अपने सहयोगी को विदाई दी। न्यायमूर्ति बोस, जिन्हें 24 मई, 2019 को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था, भोपाल में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के निदेशक के रूप में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
सहयोगियों को विदाई देना मुश्किल भरा काम- चंद्रचूड़
अपने संबोधन में चंद्रचूड़ ने कहा कि बेंच पर अपने सहयोगियों को विदाई देना हमेशा एक मुश्किल भरा काम होता है। यह क्षण एक साथ उनके ऐतिहासिक कार्यकाल को देखने और उनके द्वारा छोड़े गए खालीपन पर शोक मनाने का अवसर भी है। आज एक और कड़वा क्षण है। हालांकि बोस को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
अपने कार्यकाल में उन्होंने छोड़ी अमिट छाप- चंद्रचूड़
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा आयोजित विदाई समारोह में बोलते हुए न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि शीर्ष अदालत, कलकत्ता हाईकोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट में अनिरूद्ध बोस के योगदान ने कानूनी परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
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'राजनीति-भाषा विज्ञान पर गहरी रुचि रखते है पाठक'
न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि जस्टिस अनिरुद्ध बोस एक शास्त्रीय बंगाली 'भद्रलोक' (सज्जन व्यक्ति) हैं। उनका स्वभाव एक अच्छे श्रोता और एक सच्चे बुद्धिजीवी का है, जो कभी भी ज्यादा आलोचनात्मक नहीं होते। वह साहित्य, इतिहास, राजनीति, भाषा विज्ञान में गहरी रुचि के साथ एक उत्साही पाठक हैं। साथ ही वे एक शानदार न्यायाधीश रहे हैं, बल्कि 2004 में कलकत्ता हाईकोर्ट में पदोन्नत होने से पहले, वह एक शानदार वकील भी थे। उनके पास पदोन्नति से पहले एक बौद्धिक संपदा कानून फर्म में काम करने का अनूठा अनुभव है।
न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने पुराने किस्सों को किया याद
इस दौरान अनिरुद्ध बोस ने कहा कि देश के कई हिस्सों से आने वाले न्यायाधीशों के बीच सोच में इस तरह की समानता इस बात का सबूत है कि सभी भारतीय एक जैसे हैं। और एक विचार प्रक्रिया है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय है। चंद्रचूड़ ने याद किया कि कैसे 2012 में कलकत्ता हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश के रूप में कार्यरत बोस ने चिकित्सा लापरवाही से संबंधित एक मामले में अमेरिका के एक वादी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश होने की अनुमति दी थी।
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सहयोगियों को विदाई देना मुश्किल भरा काम- चंद्रचूड़
अपने संबोधन में चंद्रचूड़ ने कहा कि बेंच पर अपने सहयोगियों को विदाई देना हमेशा एक मुश्किल भरा काम होता है। यह क्षण एक साथ उनके ऐतिहासिक कार्यकाल को देखने और उनके द्वारा छोड़े गए खालीपन पर शोक मनाने का अवसर भी है। आज एक और कड़वा क्षण है। हालांकि बोस को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
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अपने कार्यकाल में उन्होंने छोड़ी अमिट छाप- चंद्रचूड़
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा आयोजित विदाई समारोह में बोलते हुए न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि शीर्ष अदालत, कलकत्ता हाईकोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट में अनिरूद्ध बोस के योगदान ने कानूनी परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
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'राजनीति-भाषा विज्ञान पर गहरी रुचि रखते है पाठक'
न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि जस्टिस अनिरुद्ध बोस एक शास्त्रीय बंगाली 'भद्रलोक' (सज्जन व्यक्ति) हैं। उनका स्वभाव एक अच्छे श्रोता और एक सच्चे बुद्धिजीवी का है, जो कभी भी ज्यादा आलोचनात्मक नहीं होते। वह साहित्य, इतिहास, राजनीति, भाषा विज्ञान में गहरी रुचि के साथ एक उत्साही पाठक हैं। साथ ही वे एक शानदार न्यायाधीश रहे हैं, बल्कि 2004 में कलकत्ता हाईकोर्ट में पदोन्नत होने से पहले, वह एक शानदार वकील भी थे। उनके पास पदोन्नति से पहले एक बौद्धिक संपदा कानून फर्म में काम करने का अनूठा अनुभव है।
न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने पुराने किस्सों को किया याद
इस दौरान अनिरुद्ध बोस ने कहा कि देश के कई हिस्सों से आने वाले न्यायाधीशों के बीच सोच में इस तरह की समानता इस बात का सबूत है कि सभी भारतीय एक जैसे हैं। और एक विचार प्रक्रिया है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय है। चंद्रचूड़ ने याद किया कि कैसे 2012 में कलकत्ता हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश के रूप में कार्यरत बोस ने चिकित्सा लापरवाही से संबंधित एक मामले में अमेरिका के एक वादी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश होने की अनुमति दी थी।