फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI case: After Bains claims, SC asks chiefs of CBI, IB and Delhi Police to appear 

सीजेआई यौन उत्पीड़न आरोप मामला : बेंच ने कहा- कोई फिक्सिंग रैकेट चल रहा है तो उसकी जड़ तक जाएंगे

Wed, 24 Apr 2019 07:02 PM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 24 Apr 2019 07:02 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
CJI case: After Bains claims, SC asks chiefs of CBI, IB and Delhi Police to appear 
वकील उत्सव बैंस और सीजेआई रंजन गोगोई - फोटो : social media

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वह एक अधिवक्ता के इस दावे की तह तक जायेगा कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसाने की एक बड़ी साजिश है। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने कहा कि यदि फिक्सर अपना काम और न्यायपालिका के साथ हेराफेरी करते रहे, जैसा कि दावा किया गया है, तो न तो यह संस्था और न ही हममें से कोई बचेगा। 


loader

पीठ ने व्यापक साजिश का दावा करने वाले अधिवक्ता उत्सव सिंह बैंस को गुरुवार की सुबह तक एक और हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इससे पहले, अधिवक्ता ने दावा किया कि उसके पास कुछ और महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। पीठ ने कहा कि इस मामले में अब गुरुवार को आगे सुनवाई की जायेगी। पीठ ने कहा, 

हम जांच करेंगे और फिक्सरों के सक्रिय होने और न्यायपालिका के साथ हेराफेरी करने के कथित दावों की तह तक जायेंगे। यदि वे अपना काम करते रहे तो हममें से कोई भी नहीं बचेगा। इस व्यवस्था में फिक्सिंग की कोई भूमिका नहीं है। हम इसकी जांच करेंगे और इसे अंतिम निष्कर्ष तक ले जायेंगे।


इसके साथ ही पीठ ने स्पष्ट किया कि उत्सव बैंस के व्यापक साजिश के दावे पर सुनवाई और प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की आंतरिक जांच के आदेश के बीच कोई संबंध नहीं है। इससे पहले, दिन में शीर्ष अदालत ने प्रधान न्यायाधीश को फंसाने की बड़ी साजिश होने के बैंस के दावों पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो तथा गुप्तचर ब्यूरो के निदेशकों और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को अपराह्न साढ़े बारह बजे पेश होने तथा न्यायाधीशों के चैंबर में मुलाकात करने का निर्देश दिया। पीठ ने इस सारे घटनाक्रम को बहुत ही ज्यादा परेशान करने वाला बताया क्योंकि यह देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता से संबंधित है। 

पीठ ने अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का यह अनुरोध ठुकरा दिया कि न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से इस मामले की जांच करायी जाये। पीठ ने कहा कि इस समय न्यायालय किसी भी प्रकार की जांच में नहीं पड़ रहा है। पीठ ने कहा, ‘यह कोई जांच नहीं है। हम इन अधिकारियों से गुप्त मुलाकात कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि कोई भी साक्ष्य सार्वजनिक हो।’ पीठ ने इन अधिकारियों को अपराह्न 12.30 बजे न्यायाधीशों के चैंबर में उपस्थित होने का निर्देश दिया। केंद्रीय जांच ब्यूरो और गुप्तचर ब्यूरो के निदेशकों तथा दिल्ली के पुलिस आयुक्त से मुलाकात के बाद अपराह्न तीन बजे न्यायाधीशों ने फिर इस मामले में आगे सुनवाई की। 

इस मामले की सवेरे सुनवाई शुरू होते ही अधिवक्ता उत्सव सिंह बैंस ने अपने दावे के समर्थन में सीलबंद लिफाफे में कुछ सामग्री पीठ को सौंपी। उत्सव बैंस ने एक हलफनामा दाखिल करके दावा किया था कि प्रधान न्यायाधीश को यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसाने की कथित फिक्सरों की एक बड़ी साजिश है। पीठ ने बैंस द्वारा पेश सामग्री के अवलोकन के बाद कहा कि इस मामले में सामने आ रहे तथ्य ‘बहुत ही परेशान’ करने वाले हैं। 

न्यायमूर्ति मिश्रा ने अटार्नी जनरल से कहा, ‘क्या आप केंद्रीय जांच ब्यूरो के किसी जिम्मेदार अधिकारी, बेहतर हो तो निदेशक को बुला सकते हैं? क्या आप उन्हें हमारे चैंबर में मिलने के लिये बुला सकते हैं?’ वेणुगोपाल ने सकारात्मक जवाब दिया और बैंस की 20 अप्रैल की फेसबुक पोस्ट का जिक्र किया जिसमे उसने कुछ व्यक्तियों द्वारा उच्चतम न्यायालय के फैसले तय करने और प्रधान न्यायाधीश के कार्यालय की छवि खराब करने की बड़ी साजिश होने का दावा किया था।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ आरोपों और अधिवक्ता के दावों से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की न्यायपालिका से संबंधित है। मेहता ने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि इस न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल गठित किया जाये। न्यायालय की निगरानी में जांच से सच्चाई सामने आनी चाहिए।’ वेणुगोपाल ने भी मेहता के कथन का समर्थन किया और कहा कि इस मामले में गहन जांच की जानी चाहिए। हालांकि, न्यायमूर्ति मिश्रा का कहना था कि यह एक ‘संवेदनशील मुद्दा’ है और प्रधान न्या

याधीश गोगोई ने इस मामले में कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, ‘भारत के इतिहास में पहली बार प्रधान न्यायाधीश ने यह कार्रवाई की है। ऐसा पहले से हो रहा था लेकिन किसी प्रधान न्यायाधीश ने ऐसा करने का साहस नहीं दिखाया।’ न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, ‘प्रधान न्यायाधीश बगैर किसी भय के यह कार्रवाई कर रहे हैं।’ पीठ ने कहा कि उत्सव बैंस को पूरी सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए क्योंकि न्यायालय नहीं चाहता कि साक्ष्य नष्ट हों या उनके साथ कोई समझौता किया जा सके।

सुनवाई के अंतिम क्षणों में बैंस ने पीठ से कहा कि उनके पास इस मामले से संबंधित कुछ बहुत ही महत्वूपर्ण और संवेदनशील साक्ष्य हैं और उन्हें इस संबंध में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की इजाजत दी जाये। पीठ ने बैंस का यह अनुरोध स्वीकार करते हुये कहा, ‘यह टाइप किया हुआ नहीं बल्कि हस्तलिखित होना चाहिए।’

शीर्ष अदालत में 20 अप्रैल को ‘न्यायपालिका की स्वतंत्रता से संबंधित अत्यधिक महत्व का सार्वजनिक मामला’ शीर्षक से सूचीबद्ध प्रकरण के रूप में सुनवाई हुयी थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा था कि इस विवाद के पीछे कोई ‘बड़ी ताकत’ है जो प्रधान न्यायाधीश के कार्यालय को निष्क्रिय करना चाहती है परंतु वह इन आरोपों का खंडन करने के लिये इतना नीचे नहीं जायेंगे।

इससे पहले, कुछ समाचार पोर्टल पर उच्चतम न्यायालय की पूर्व कर्मचारी द्वारा प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों का दावा करने संबंधी खबर प्रकाशित हुयी थी। यौन उत्पीड़न के इस सनसनीखेज मामले की शनिवार को शीर्ष अदालत में असामान्य और अप्रत्याशित सुनवाई के बाद बैंस ने न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल किया था। 

हलफनामे में उन्होंने दावा किया कि उन्हें शीर्ष अदालत की पूर्व महिला कर्मचारी का प्रतिनिधित्व करने और प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ प्रेस क्लब आफ इंडिया में प्रेस कांफ्रेस के लिये डेढ़ करोड़ रूपये देने की पेशकश की गयी थी। इसके बाद मंगलवार को न्यायालय ने बैंस को नोटिस जारी कर अपने दावे के समर्थन में सीलबंद लिफाफे में सामग्री पेश करने का निर्देश दिया था।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed