नागरिकता विधेयक : राज्यसभा में शाह ने कांग्रेस के इतिहास से कांग्रेस पर किया वार
- नड्डा का दावा, मनमोहन सिंह की बात पूरी करते हुए सरकार लाई विधेयक
- गृह मंत्री अमित शाह बोले, कांग्रेस ऐसी पार्टी जिसके सिद्धांत बदलते रहते हैं
- सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, इस बिल और एनआरसी को लेकर कांग्रेस भ्रम में
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राज्यसभा में भाजपा ने कांग्रेस को उसी के इतिहास से पस्त किया। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के 18 दिसंबर 2003 को दिए बयान का हवाला दिया। तब मनमोहन ने तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सलाह दी थी कि बांग्लादेश जैसे देशों से ऐसे प्रताड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देने के मामले में सरकार रवैया उदार करे और नागरिकता कानून में बदलाव करे। नड्डा ने दावा किया कि मनमोहन सिंह की बात को पूरा करते हुए हमारी सरकार इस विधेयक का लेकर आई है।
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, इस बिल और एनआरसी को लेकर कांग्रेस भ्रम में है। स्वामी ने 20 अप्रैल, 2012 को असम के तत्कालीन सीएम तरुण गोगोई द्वारा तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को सौंपे ज्ञापन का जिक्र किया, जिसमें मांग की गई थी कि बांग्लादेश से आए अल्पसंख्यकों को विदेशी नहीं माना जाना चाहिए और उन्हें नागरिकता देनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के 25 नवंबर, 1947 के प्रस्ताव का जिक्र किया। जिसमें पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को नागरिकता देने की अपील की गई थी। बाद में, शाह ने भी कहा- कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो सत्ता में रहती है तो कुछ और सिद्धांत होते हैं, विपक्ष में होती है तो कुछ और।
शाह की अगुवाई में एक और एजेंडा पूरा
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भाजपा ने गृहमंत्री शाह की अगुवाई में अपनी विचारधारा से जुड़े कई मुद्दों का समाधान किया। पहली पारी में तीन तलाक कानून को दंडनीय अपराध बनाने के बाद दूसरी पारी के महज छह माह में अनुच्छेद 370 हटाने जैसा बड़ा फैसला हुआ। अब नागरिकता बिल का कानूनी जामा पहनने का रास्ता साफ हुआ। अयोध्या विवाद का समाधान निकला। अब सरकार के पास देशभर में एनआरसी लागू कराना, धर्मांतरण विरोधी कानून बनाना, समान नागरिक संहिता और राष्ट्रीय जनसंख्या नीति लागू करना रह गया है।
चार साल बाद कामयाबी
मोदी सरकार के पहले ही कार्यकाल में नागरिकता संशोधन बिल पारित कराने की कोशिश हुई थी। तब वर्ष 2015 में इसे राज्यसभा की मंजूरी भी मिल गई थी। हालांकि संख्या बल के अभाव में सरकार इसे राज्यसभा में पारित नहीं करा पाई।
शिवसेना पर निशाना, कहा- सत्ता के लिए रंग बदलते हैं लोग
शिवसेना पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, लोग सत्ता के लिए कैसे-कैसे रंग बदलते हैं। शिवसेना ने लोकसभा में समर्थन किया तो एक रात में ऐसा क्या हो गया जो आज विरोध में खड़े हैं। मुझे आइडिया ऑफ इंडिया की बात मत बताइए। मैं भी यहीं पैदा हुआ हूं और मेरी सात पुश्तें यहीं पैदा हुई हैं। मुझे आइडिया ऑफ इंडिया का अंदाजा है।
'तीन साल में 1984 को नागरिकता इनमें मुस्लिम भी शामिल'
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि 2016 से 2019 के बीच 391 अफगानी व 1595 पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी गई। गृहमंत्री शाह ने बताया कि इनमें मुसलमान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया, 15 वर्ष या उससे अधिक समय भारत में रह रहे वीजाधारक विदेशियों के वीजा को एक्स-मिसलीनियस श्रेणी में बदला जाएगा।