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ऐतिहासिक फैसले देने वाले सुप्रीम कोर्ट का दौरा अब आम नागरिक भी कर पाएंगे, ये होगी प्रक्रिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:48 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : PTI
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आम नागरिकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का कोर्टरूम और उसके फैसले ऐतिहासिक और इतिहास को बदलने वाले होते हैं। लेकिन कोर्टरूम को देखना उनके लिए एक सपने जैसा है। लेकिन अब ये सपना केवल सपना नहीं रहेगा। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने औपचारिक तौर पर एक पोर्टल लांच किया है। जिसके जरिए लोग एक घंटे के लिए कोर्ट परिसर का निर्देशित दौरा बुक कर सकते हैं। यह कहना है कि योजना से जुड़े अधिकारियों का।
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वर्तमान में केवल वकील, वकालत करने वाले इटर्न, कानून के छात्र, मुकदमेबाज और मीडिया के लोग ही कोर्ट के अंदर आ सकते हैं। यहां सुरक्षा इंतजाम बेहद कड़े हैं और यहां केवल सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए इलेक्ट्रोनिक कार्ड से ही एंट्री ली जा सकती है।
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इस दौरे के लिए एक वेबसाइट बनाई गई है जिसके जरिए आगंतुक दौरा करने की तारीख और 60 मिनट का समय चुन सकते हैं। नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों ने ये बात बताई। अधिकारियों ने कहा कि ये दौरा केवल शनिवार के लिए ही होगा क्योंकि उस दिन कोर्ट में सुनवाई नहीं होती है। साल 2018 में इस बिल्डिंग ने अपने 60 साल पूरे किए हैं।
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एक प्रशिक्षित गाइड दौरे को संचालित करेगा। बुकिंग होने के बाद एक बार कोड मैसेज फोन में आएगा जिसे रिसेप्शन डेस्क पर स्कैन किया जाएगा। कोर्ट का दौरा करने वाले लोग जजों की लाइब्रेरी और कॉरिडोर में भी जा सकेंगे। कोर्ट की बिल्डिंग सीपीडब्लूडी द्वारा बनाई गई है।
बिल्डिंग का डिजाइन इस उद्देश्य से बनाया गया है कि ऊपर से देखने पर यह न्याय के तराजू की तरह दिखाई देती है। अगस्त 1958 में अदालत ने भवन के भीतर अपनी कार्यप्रणाली शुरू की थी। बता दें ब्रिटेन और कनाडा के सुप्रीम कोर्ट निर्देशित दौरों के लिए खुले हैं।