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CISF: 'पहाड़ों की भूमि' वाले लेंगपुई एयरपोर्ट की सुरक्षा कमान अब सीआईएसएफ के हवाले, एक डीसी समत 121 जवान तैनात
Thu, 24 Apr 2025 07:34 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 24 Apr 2025 07:34 PM IST
सार
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ अब आधिकारिक तौर पर मिजोरम के एकमात्र राष्ट्रीय हवाई अड्डे, लेंगपुई की सुरक्षा का दायित्व संभाल लिया है। सीआईएसएफ के मुताबिक, लेंगपुई हवाई अड्डा, सीआईएसएफ की पहली इकाई है, जो पूर्वोत्तर भारत में बल की उपस्थिति को सुदृढ़ करती है।
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अब सीआईएसएफ के हवाले लेंगपुई एयरपोर्ट की सुरक्षा कमान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में विमानन सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अब आधिकारिक रूप से मिजोरम के एकमात्र राष्ट्रीय हवाई अड्डे, लेंगपुई की सुरक्षा का दायित्व संभाल लिया है। 'पहाड़ों की भूमि' के रूप में विख्यात मिजोरम का लेंगपुई हवाई अड्डा, सीआईएसएफ की सुरक्षा में आने वाला भारत का 69वां हवाई अड्डा बन गया है। शुरुआती चरण में, एक उप कमांडेंट पद के अधिकारी के नेतृत्व में 121 सीआईएसएफ कर्मी तैनात किए गए हैं। इन पदों में बढ़ोतरी कर कार्मिकों की संख्या को 214 तक पहुंचाया जाएगा। यह तैनाती मिजोरम पुलिस और सीआरपीएफ की तरफ से वर्ष 1999 से स्थापित संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था का स्थान लेगी।
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अब सीआईएसएफ के हवाले लेंगपुई एयरपोर्ट की सुरक्षा कमान
- फोटो : अमर उजाला
सीआईएसएफ के मुताबिक, लेंगपुई हवाई अड्डा, सीआईएसएफ की पहली इकाई है, जो पूर्वोत्तर भारत में बल की उपस्थिति को सुदृढ़ करती है। भारत सरकार की नागरिक विमानन सुरक्षा को सुदृढ़ करने की राष्ट्रीय नीति के तहत, लेंगपुई हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ की तैनाती एक रणनीतिक निर्णय है। 'पहाड़ों की भूमि' के रूप में मिजोरम के इस हवाई अड्डे पर हाल के वर्षों में यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण 'विशेष सुरक्षा बल' की आवश्यकता महसूस कर रहा था। सीआईएसएफ के जवान, अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर यात्रियों के लिए सहज, प्रभावी और यात्री-सुगम सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इन आधुनिक सुरक्षा उपायों का उद्देश्य एक सुरक्षित, निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
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अब सीआईएसएफ के हवाले लेंगपुई एयरपोर्ट की सुरक्षा कमान
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही आतंकवाद, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों जैसे खतरों से प्रभावी रूप से निपटना भी है। राज्य की राजधानी आइजोल से लगभग 32 किमी उत्तर में, ममित जिले में स्थित लेंगपुई हवाई अड्डा, राज्य सरकार द्वारा निर्मित भारत का पहला बड़ा हवाई अड्डा है। फरवरी 1998 से परिचालन में आया यह हवाई अड्डा मिजोरम को कोलकाता, दिल्ली, गुवाहाटी, सिलचर और इंफाल जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है। इसका 2,500 मीटर लंबा टेबलटॉप रनवे, न केवल उड़ानों के संचालन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि राज्य के पर्यटन, संपर्क और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।
सीआईएसएफ के हवाले लेंगपुई एयरपोर्ट की सुरक्षा कमान
- फोटो : अमर उजाला
भारत-म्यांमार और भारत-बांग्लादेश की सीमाओं के निकट स्थित यह हवाई अड्डा, अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण और भी महत्वपूर्ण बन जाता है, विशेषकर तब जब निकटतम रेलवे स्टेशन 100 किमी और निकटतम वैकल्पिक हवाई अड्डा सिलचर, आइजोल से 200 किमी दूर स्थित है। मिजोरम की 700 किमी से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को देखते हुए, विमानन सुरक्षा का महत्व और भी बढ़ जाता है। सीआईएसएफ की मौजूदगी न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ाएगी, बल्कि इससे अधिक एयरलाइन संचालन, पर्यटन वृद्धि और पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में लाने के सरकार के लक्ष्य को भी बल मिलेगा। इस तैनाती के साथ, केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआईएसएफ' अब सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, पुडुचेरी और लक्षद्वीप को छोड़कर शेष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी सुरक्षा उपस्थिति दर्ज कर चुका है।
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गुरुवार को हवाई अड्डे पर एक औपचारिक समारोह आयोजित किया गया। इसमें अनिल शुक्ला, डीजीपी मिजोरम पुलिस, विजय प्रकाश महानिरीक्षक सीआईएसएफ/एपीएस-1 मुख्यालय, नई दिल्ली, दीपक वर्मा, उप महानिरीक्षक, एपी (ईएंडएनई) मुख्यालय कोलकाता, लालरोहलुआ, निदेशक विमानन, पीयू सैडेंगा, एयरपोर्ट निदेशक, लेंगपुई, हरीश सिंह नयाल, उप कमांडेंट, (लेंगपुई हवाई अड्डे में सीआईएसएफ इकाई के कमांडिंग ऑफिसर), आदि उपस्थित रहे। एयरपोर्ट विंग (जीएडी), सीआरपीएफ, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इंडिगो, एलायंस एयर, आईओसी, बीपीसीएल, एआईएएसएल, एआईईएसएल, एमईटी और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
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गुरुवार को हवाई अड्डे पर एक औपचारिक समारोह आयोजित किया गया। इसमें अनिल शुक्ला, डीजीपी मिजोरम पुलिस, विजय प्रकाश महानिरीक्षक सीआईएसएफ/एपीएस-1 मुख्यालय, नई दिल्ली, दीपक वर्मा, उप महानिरीक्षक, एपी (ईएंडएनई) मुख्यालय कोलकाता, लालरोहलुआ, निदेशक विमानन, पीयू सैडेंगा, एयरपोर्ट निदेशक, लेंगपुई, हरीश सिंह नयाल, उप कमांडेंट, (लेंगपुई हवाई अड्डे में सीआईएसएफ इकाई के कमांडिंग ऑफिसर), आदि उपस्थित रहे। एयरपोर्ट विंग (जीएडी), सीआरपीएफ, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इंडिगो, एलायंस एयर, आईओसी, बीपीसीएल, एआईएएसएल, एआईईएसएल, एमईटी और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।