{"_id":"5bd810e4bdec22699c0c11ca","slug":"chunavi-shayri-assembly-election-in-five-states","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी शायरी : सरहदों पर बहुत तनाव है क्या","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चुनावी शायरी : सरहदों पर बहुत तनाव है क्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Oct 2018 02:09 PM IST
विज्ञापन
चुनावी शायरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देश का चुनावी माहौल गरमा रहा है। रैलियां, नारे और लोक लुभावन चुनावी वादों की झड़ी के बीच सियासी पारा चढ़ रहा है। इसी माहौल पर पेश है चुनिंदा काव्य पंक्तियां जो हमारी लोकतंत्र की समझ को मजबूत करेंगी। मतदान जरूर करें। साथ ही अपने विवेक का इस्तेमाल भी करें। आपका मतदान आपके आगामी पांच सालों की रूपरेखा तय करेगा।
विज्ञापन
सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या,
खौफ बिखरा है दोनों सम्तो में,
तीसरी सम्त का दबाव है क्या।
- डाॅ. राहत इंदौरी