फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Choppers shower flower petals over Shri Ram Janmaboomi Temple premises in Ayodhya

Ramlalla: रामलला के विराजमान होते ही आसमान से पुष्पों की वर्षा, हेलीकॉप्टर के जरिए मंदिर परिसर में बरसे फूल

Mon, 22 Jan 2024 12:56 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: आदर्श शर्मा Updated Mon, 22 Jan 2024 12:56 PM IST
सार

500 वर्षों का आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है। अयोध्या में बने राम मंदिर में रामलला विराजमान हो गए हैं। भव्य राम मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया गया है। राम लला के विराजमान होते ही आसमान से हेलीकॉप्टर के जरिए पुष्प वर्षा की गई है। 

विज्ञापन
Choppers shower flower petals over Shri Ram Janmaboomi Temple premises in Ayodhya
रामलला के विराजमान होते ही पुष्पों की वर्षा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

500 वर्षों का आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है। अयोध्या में बने राम मंदिर में रामलला विराजमान हो गए हैं।  राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में पीएम मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत दुनियाभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। इस दौरान अयोध्या की सड़कें 'जय श्री राम' के नारे से गूंज रही हैं। इस कार्यक्रम के दौरान आसमान से पुष्पों की वर्षा भी की गई है। हेलीकॉप्टर से मंदिर परिसर और वहां पहुंचे लोगों के ऊपर पुष्प वर्षा की गई है। इस कार्यक्रम को बड़ी संख्या में दुनियाभर के लोग देख रहे हैं। 
विज्ञापन

 

नागर शेैली में हुआ मंदिर का निर्माण
भव्य राम मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया गया है। इसकी लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट है; चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है; और यह कुल 392 स्तंभों और 44 दरवाजों द्वारा समर्थित है। मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं और देवियों के जटिल चित्रण प्रदर्शित हैं। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार पूर्वी दिशा में स्थित है, जहां सिंह द्वार के माध्यम से 32 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचा जा सकता है। मंदिर में कुल पांच मंडप (हॉल) हैं - नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप। मंदिर के पास एक ऐतिहासिक कुआं (सीता कूप) है, जो प्राचीन काल का है। मंदिर परिसर के दक्षिण-पश्चिमी भाग में, कुबेर टीला में, भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है, साथ ही जटायु की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




अनुष्ठान का संचालन 121 आचार्य ने किया
इस ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देश के सभी प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक सम्प्रदायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बता दें शास्त्रानुसार दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। अनुष्ठान का संचालन 121 आचार्य ने किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed