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चिटफंड घोटाला: सीबीआई ने पांच दिन की पूछताछ के बाद कुमार को कोलकाता जाने की अनुमति दी

Wed, 13 Feb 2019 09:35 PM IST
Nilesh Kumar भाषा, शिलांग
भाषा, शिलांग Published by: Nilesh Kumar Updated Wed, 13 Feb 2019 09:35 PM IST
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Chit fund Scam: CBI release kolkata police commissioner Rajiv kumar after 5 days interrogation
Rajiv Kumar

सीबीआई ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से चिट फंड घोटाला मामलों में यहां लगातार पांच दिन तक पूछताछ करने के बाद बुधवार को उन्हें कोलकाता लौट जाने की इजाजत दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

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सीबीआई के 12 वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल ने कुमार से 2000 करोड़ रूपये के सारदा चिटफंड घोटाले के सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने में उनकी कथित भूमिका के बारे में पूछताछ की। जांच एजेंसी इस घोटाले की जांच कर रही है। कुमार से रोज वैली पोंजी घोटाले के बारे में भी पूछताछ की गयी।
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अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने उनसे शनिवार से 30 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद बुधवार दोपहर को उन्हें कोलकाता लौट जाने की इजाजत दी। उन्होंने बताया कि कुमार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सीबीआई कार्यालय पहुंचे। उन्हें साढ़े बारह बजे छोड़ दिया गया।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोलकाता पुलिस प्रमुख ने अवकाश की मांग करते हुए जांच एजेंसी को लिखा था क्योंकि उन्हें उच्चतम न्यायालय में अपने और अन्य दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज करायी गयी अवमानना याचिका का जवाब तैयार करना है। कुमार गुवाहाटी के लिए रवाना हुए जहां से कोलकाता निकले।

सूत्रों के अनुसार शनिवार को कुमार के साथ आए कोलकाता पुलिस के अन्य दो वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ गये। सीबीआई ने इस मामले में कुमार के अलावा तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष से अलग से और रविवार और सोमवार को कुमार के साथ भी पूछताछ की थी। 

इन पूर्व सांसद को सोमवार को ही कोलकाता को लौट जाने दिया। उन्हें शारदा घोटाले में 2013 में गिरफ्तार किया गया था और वह 2016 से जमानत पर हैं। कुमार उस विशेष जांच दल (एसआईटी) के अगुवा थे जिसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सारदा घोटाले की जांच के लिए बनाया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था।

सीबीआई का जांच दल कुमार से पूछताछ के लिए तीन फरवरी को कोलकाता में उनके निवास पर पहुंचा था लेकिन कोलकाता पुलिस ने उसकी कोशिश विफल कर दी थी। उसके पश्चात सीबीआई उच्चतम न्यायालय पहुंची थी।

ममता बनर्जी कुमार के सरकारी आवास पर सीबीआई के पहुंचने के खिलाफ तीन दिन का ‘संविधान बचाओ’ धरना दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह पर ‘तख्तापलट’ की साजिश का आरोप लगाया था।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा था कि उसके अधिकारी सारदा जांच मामले की गायब कड़ी का पता लगाने के लिए कुमार से पूछताछ करना चाहते थे क्योंकि ऐसी संभावना है कि एसआईटी के सदस्य के तौर पर उनके पास कुछ अहम दस्तावेज हो सकता है। 


उच्चतम न्यायलय ने पिछले हफ्ते कोलकाता के पुलिस आयुक्त को सीबीआई के सामने पेश होने और सारदा चिटफंड घोटाले से जुड़े मामलों की जांच में ‘विश्वसनीय’ सहयोग करने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने ‘ सभी अनावश्यक विवादों से बचने के लिए’ तटस्थ स्थल शिलांग को पूछताछ के लिए चुना था लेकिन यह भी स्पष्ट किया था कि कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

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