SCO Meet: LAC पर तनाव के बीच पहली बार भारत दौरे पर आएंगे चीनी रक्षामंत्री; राजनाथ सिंह से कर सकते हैं वार्ता
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले जनरल ली की भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनावपूर्ण गतिरोध के बाद से चीनी रक्षामंत्री का यह पहला भारत दौरा है।
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चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू इस सप्ताह भारत के दौरे पर रहेंगे। चीन ने मंगलवार को उनके भारत दौरे की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अपने बयान में चीन ने कहा कि उसके रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू 27 अप्रैल से एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए इस सप्ताह भारत दौरे पर रहेंगे। चीन ने यह भी बताया है कि इस दौरान वे अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ भी वार्ता कर सकते हैं। गौरतलब है कि चीनी रक्षामंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव को लेकर दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की 18वें दौर की वार्ता हुई है।
इस बाबत, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले जनरल ली की भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनावपूर्ण गतिरोध के बाद से चीनी रक्षामंत्री का यह पहला भारत दौरा है।
चीनी रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान
चीन के रक्षा मंत्रालय ने ली के भारत दौरे को लेकर अपने बयान में कहा कि भारत के निमंत्रण पर चीनी राज्य पार्षद और रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू 27-28 अप्रैल को नई दिल्ली में रहेंगे। यहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की रक्षा मंत्री स्तर की बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक के दौरान जनरल ली सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे संबंधित देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति के साथ-साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग के मुद्दों पर भी संवाद करेंगे।
इस बीच, जनरल ली के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक करने और बढ़ते गतिरोध को हल करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक वार्ता की प्रगति पर चर्चा करने की भी उम्मीद है।
एससीओ बैठक के लिए भारत नहीं आएंगे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भारत नहीं आएंगे। वह वर्चुअल तरीके से ही बैठक में शामिल होंगे। रक्षा मंत्रियों की यह बैठक 27-28 अप्रैल को होगी। इस बैठक में आतंकवाद से निपटने के तरीकों और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा होगी। पाकिस्तानी अखबार ने सूत्रों के हवाले से आसिफ के भारत नहीं आने की जानकारी दी है।
मई में होगी विदेश मंत्रियों की बैठक
रक्षा मंत्रियों की बैठक के बाद चार और पांच मई को गोवा में एससीओ सदस्यों के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। बता दें, भारत इस साल जी-20 के साथ एससीओ की भी अध्यक्षता कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो समेत एससीओ के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री बैठक में शामिल होने वाले हैं। पाकिस्तान पहले ही एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बिलावल भुट्टो की भारत यात्रा की पुष्टि कर चुका है।
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद
एससीओ रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक में आतंकवाद के खतरे और अफगानिस्तान की स्थिति सहित क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। एससीओ के सदस्य देशों में भारत, रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाखिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं।