पाक एलओसी पर चीनी सेना की दस्तक, भारतीय एजेंसियां सतर्क
- एलओसी पार चीनी सेना
- पाक समर्थित कश्मीर में दिखी
- खुफिया तंत्र सक्रिय
- भारत की बढ़ी मुश्किलें
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सेना ने पीएलए के कुछ अधिकारियों को उत्तर कश्मीर के नावगाम सेक्टर के फॉरवर्ड पोस्ट पर देखा गया। खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना को यह कहते सुना गया है कि एलओसी पर निर्माण कार्य के विकास के लिए चीनी सेना को तैनात किया जाएगा।
हालांकि, भारतीय सेना के उच्चाधिकारियों ने इस मामले में चुप्पी साध रखा है। लेकिन खुफिया एजेंसियों को इस बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
हाइडल पॉवर प्रोजेक्ट का हो रहा है निर्माण
पिछले साल टांगधर सेक्टर में चीनी सेना की घुसपैठ सामने आई थी। इस इलाके में चीन की सरकारी कंपनी गेजहाउबा ग्रुप लिमिटेड पहले से ही एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत झेलम-नीलम 970 मेगावाट हाइडल पॉवर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।
यह प्लांट भारत के किशनगंगा पॉवर प्रोजेक्ट के जवाब में बनाया जा रहा है। भारत उत्तर कश्मीर के बांदीपुर में इस प्लांट का निर्माण कर रही है जिसके तहत किशनगंगा नदी की धारा को मोड़कर झेलम नदी की ओर कर दिया आएगा। नदी की दिशा बदलने से झेलम नदी पर बनाए जा रहे 330 मेगावाट के पॉवर प्लांट को जरूरी ऊर्जा मिल सकेगी।
किशनगंगा परियोजना की शुरुआत 2007 में की गई थी जिसके इस साल पूरा हो जाने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर पीएलए सेना के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि वे लीपा घाटी में कुछ सुरंगों का भी निर्माण कर रही है जो काराकोरम हाइवे तक जाने के लिए दूसरे मार्ग के विकल्प के तौर पर होगा। इस घाटी पाकिस्तान समर्थित कश्मीर में मौजूद है।