चीन से भारत पहुंची 5.5 लाख रैपिड टेस्टिंग किट, जल्द ही राज्यों को होंगी वितरित
- शुक्रवार से राज्यों को वितरित होंगी किट, अब तेज होगी जांच
- अभी रैपिड टेस्टिंग किट का मुख्य स्रोत तो चीन है
- जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस से भी चिकित्सीय संसाधन की आपूर्ति का आसरा
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चीन से बुधवार को चली 6.50 लाख टेस्टिंग किट और चिकित्सीय उपकरण की खेप भारत आ गई है। दक्षिण कोरिया को भेजे गए ऑर्डर पर बात आगे बढ़ी है। असम को 50 हजार जांच किट मिल गई है। अन्य राज्यों को भेजे जाने की तैयारी है, शुक्रवार से यह प्रक्रिया चालू हो जाएगी। लेकिन इतने भर से काम नहीं चलने वाला है।
भारत को इसका कई गुना जांच किट, पीपीई किट, मास्क, वेंटिलेटर समेत अन्य संसाधन चाहिए। विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अभी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि किस देश से कितनी सामग्री मिल पाएगी।
भारत को बुधवार को चीन से 5.5 लाख रैपिड टेस्टिंग किट मिली है। इसके साथ एक लाख आरएनए एक्सट्रैक्शन आधारित किट मिली है। समझा जा रहा है कि भारत अगले एक-दो दिन में इन किटों को देश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाएगा और कोविड-19 की संक्रमितों की जांच को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अभी रैपिड टेस्टिंग किट का मुख्य स्रोत तो चीन है
सीआईआई नार्थ इंडिया के चेयरमैन दिनेश दुआ का कहना है कि रैपिड टेस्टिंग किट का मुख्य सोर्स तो अभी चीन ही है, क्योंकि कोविड-19 के संक्रमित सबसे पहले वहीं मिले हैं, और चीन ने इसे समय पर विकसित कर लिया है।
बाकी देश इसे विकसित करने, इसकी विश्वसनीयता, गुणवत्ता तय करने में लगे हैं। इसी तरह से आरएनए आधारित एक्सट्रैक्शन किट का मुख्य स्रोत भी चीन को ही माना जा सकता है।
बड़े प्रयास के बाद आ पाई चीन से खेप
बताते हैं चीन की कंपनियों पर कई देशों को कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए संसाधनों की आपूर्ति का दबाव है। इस तरह की भी रिपोर्ट आई है कि किसी देश के लिए भेजा गया कंसाइनमेंट बैंकाक से किसी और देश को भेज दिया गया।
खुद विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी गुरुवार को मिली खेप के लिए अपने मैराथन प्रयासों की जानकारी दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि चीन की कंपनियों के पास अपने उत्पादन की तुलना में कई गुना अधिक आर्डर हैं।
अमेरिका जैसे देश को भी संसाधनों की काफी जरूरत है। इस कंसाइनमेंट के लिए चीन में नियुक्त भारतीय अधिकारियों को कंपनी के स्तर पर, स्थानीय अधिकारियों के स्तर पर काफी प्रयास करना पड़ा।
अभी तो कोटेशन आए हैं......देखिए आगे कहां से क्या मिल पाता है
वाणिज्य और स्वास्थ्य मंत्रालय सूत्रों के अनुसार दक्षिण कोरिया, चीन, मलेशिया, ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी और जापान आदि देशों से भी कोटेशन आए हैं और कई देशों को ऑर्डर जा चुके हैं। भारत को अभी काफी संख्या रैपिड एंटीजन आधारित टेस्टिंग किट की जरूरत है।
आरएनए आधारित किट की भी काफी संख्या में आवश्यकता है। इसी तरह से भारत पीपीई किट, वेंटिलेटर समेत अन्य संभावनाओं के लिए दुनिया का बाजार देख रहा है। लेकिन बताते हैं कि सभी देशों में चिकित्सा उपकरण, संसाधनों की मांग को देखते हुए अभी कुछ साफ नहीं कहा जा सकता।
यह भी नहीं बताया जा सकता कि अगला कंसाइनमेंट कब, कैसे, कहां से किस तारीख को आ सकेगा।