Coronavirus: विदेश से आने वाले बच्चों को कोविड जांच से राहत, टीकाकरण पर गुजरात ने दिखाई सख्ती
विदेशों से भारत आने वाले पांच साल के कम आयु के बच्चों को यात्रा से पहले या बाद में कोविड जांच कराने से छूट दी गई है। वहीं, गुजरात सरकार ने टीकाकरण को लेकर सख्ती दिखाते हुए कई स्थानों पर ऐसे लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है जिन्होंने टीके की एक भी खुराक नहीं ली है।
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कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों में धीरे-धीरे राहत दी जा रही है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। इनमें कहा गया है कि पांच साल के कम आयु के बच्चों को यात्रा से पहले या फिर बाद में कोविड-19 जांच से राहत देने का फैसला किया गया है।
हालांकि, अगर बच्चों में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो उनकी जांच करवानी होगी और प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज करवाना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी इन दिशानिर्देशों में कहा गया है कि ये मानक संचालन प्रक्रिया 12 नवंबर से प्रभाव में आ जाएगी और इस संबंध में अग्रिम आदेश आने तक जारी रहेगी।
अंदरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार अगर कोई यात्री कोरोना रोधी टीके की दोनों खुराकें ले चुका है और किसी ऐसे देश से आ रहा है जिसकी भारत से साथ टीका प्रमाणपत्र की पारस्परिक स्वीकार्यता की व्यवस्था है तो उसे तुरंत एयरपोर्ट छोड़ने की अनुमति होगी और क्वारंटीन में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
टीका न लगवाने वालों पर गुजरात सरकार सख्त
गुजरात सरकार ने शुक्रवार से कई स्थानों पर ऐसे लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है जो टीकाकरण के पात्र हैं लेकिन उन्होंने अभी तक इसकी एक भी खुराक नहीं ली है। सरकार ने कहा, 12 नवंबर से 18 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों को एएमटीएस, बीआरटीएस, कनकरिया लेकफ्रंड, कनकरिया जू और साबरमती रिपरफ्रंड में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिन्होंने कोविड रोधी टीके की एक भी खुराक नहीं लगवाई है।
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लाइब्रेरी, जिमखाना, स्विमिंग पूल, एएमसी स्पोर्ट्स कॉमप्लेक्स, सिटी सिविक सेंटर और निगम की सभी भवनों में प्रवेश से पहले टीकाकरण प्रमाणपत्र की जांच भी की जाएगी। गुजरात सरकार ने यह कदम लोगों के बीच टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने और प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की रफ्तार को तेज करने के उद्देश्य से उठाया है।