{"_id":"5a9e8f8c4f1c1b410b8bc736","slug":"child-marriages-cases-decline-in-india-says-unicef-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनीसेफ की रिपोर्ट में दावा, देश में कम हो रहे बाल विवाह ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यूनीसेफ की रिपोर्ट में दावा, देश में कम हो रहे बाल विवाह
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Mar 2018 06:24 PM IST
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बाल विवाह ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
भारत में पिछले दस साल में बाल विवाह में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। एक दशक पहले 47 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में कर दी जाती थी। अब 27 फीसदी नाबालिग लड़कियों का बाल विवाह हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी यूनीसेफ ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया।
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रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बाल विवाह कम होने से दुनिया में बाल विवाह की दर में भारी गिरावट आई है। एक दशक पहले दुनिया में 20 से 25 फीसदी बच्चों का बाल विवाह हो जाता था। अब 15 फीसदी बच्चों का बाल विवाह हो रहा है।
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2.5 करोड़ बाल विवाह रोके गए
यूनीसेफ के बयान के मुताबिक 2006 से 16 के बीच दुनिया में ढाई करोड़ कम बाल विवाह रोके गए। दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जिसमें भारत अग्रणी रहा। दावा है, दक्षिण एशिया में बाल विवाह 50 फीसदी से घटकर 30 फीसदी के स्तर तक पहुंच गया है।
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शिक्षा, जागरूकता और सरकारी मुहिम रंग लाई
यूनीसेफ की मुख्य जेंडर एडवाइजर अंजू मल्होत्रा ने कहा, लड़कियों की शिक्षा दर बढ़ना, सरकारी योजनाओं से किशोर लड़कियों को प्रोत्साहन देना और बाल विवाह से होने वाले नुकसान को लेकर बढ़ती जागरूकता इस गिरावट के बड़े कारण हैं। बाल विवाह से कई नुकसान हैं। लड़कियों की पढ़ाई पूरी नहीं होती। उनके उत्पीड़न और गर्भावस्था संबंधी समस्याओं में वृद्धि होती है। सामाजिक नुकसान भी हैं।
जैसे पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी के कुचक्र में फंसने का खतरा बढ़ जाता है। अंजू कहती हैं कि बाल विवाह में कमी अच्छा संकेत है, पर इसके खात्मे के लिए काफी कुछ किया जाना बाकी है। हमने 2030 तक बाल विवाह उन्मूलन की प्रतिज्ञा की है।