जनरल बिपिन रावत ने संभाला देश के पहले सीडीएस का पद, कार्यालय की तस्वीरें आईं सामने
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जनरल बिपिन रावत ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले सेना ने आज रक्षा मंत्रालय (साउथ ब्लॉक) में उनको गार्ड ऑफ आनर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम तीनों सेनाओं को एकजुट करने का प्रयास करेंगे। तीनों सेनाएं एक टीम की तरह काम करेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को दिए गए कार्य के अनुसार हमें एकीकरण को बढ़ाकर बेहतर संसाधन प्रबंधन करना होगा। सेना राजनीति से दूर रहती है। सेना सरकार के आदेश के तहत काम करती है। तीनों सेनाओं के लिए मेरा व्यवहार एक जैसा होगा।
Delhi: First pictures of the office of the Chief of Defence Staff(CDS) General Bipin Rawat at South Block, Defence Ministry. pic.twitter.com/gFAuE3zBNd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 1, 2020
कैसी होगी सीडीएस की वर्दी
सीडीएस की नई वर्दी तैयार हो गई है। वर्दी का रंग पहले ही तरह ऑलिव ग्रीन होगा लेकिन उसमें बैच और अन्य चीजें पूरी तरह से अलग होंगी। एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इनफॉरमेशन (एडीजीपीआई) ने मंगलवार को वर्दी पर लगने वाले बैच और दूसरी चीजों की तस्वीर जारी की।
वर्दी पर लगने वाला बटन सुनहरे रंग का होगा जिसपर एक प्रतीक चिन्ह लगा होगा। इसके अलावा पीक कैप, कंधे पर लगने वाला बैच, बेल्ट का बकल और कार पर लगने वाले झंडे की तस्वीर जारी कर दी। कंधे पर लगने वाले बैच पर सुनहरे रंग में अशोक स्तंभ के साथ एक स्टार और एक प्रतीक चिन्ह होगा। सरकार ने रक्षा मंत्रालय में सैन्य मामलों का अलग विभाग भी बनाया है।
कैसा होगा सीडीएस का पद
सीडीएस एक ‘चार सितारा’ जनरल की हैसियत से आर्मी, नेवी और वायु सेना के साझा मुखिया होगा। हालांकि तीनों अंगों के अलग प्रमुख होंगे और उनका दर्जा भी चार सितारा ही होगा। सीडीएस के रूप में जनरल रावत सरकार के सैन्य सलाहकार होंगे और उसे महत्वपूर्ण रक्षा और रणनीतिक सलाह देंगे। तीनों सेनाओं के लिए दीर्घकालीन रक्षा योजनाओं, रक्षा खरीद, प्रशिक्षण और परिवहन के लिए प्रभावी समन्वयक का कार्य करेंगे।
खतरों और भविष्य में युद्ध की आशंकाओं के मद्देनजर तीनों सेनाओं में आपसी सामंजस्य और मजबूत नेटवर्क बनाने का जिम्मा सीडीएस के कंधों पर होगा। सेनाओं के संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए योजना बनाएंगे। साथ ही सेवा से जुड़ी अहम प्रक्रियाओं को आसान और व्यवस्थित बनाने में भूमिका निभाएंगे। सीडीएस के रूप में जनरल रावत के सामने तीनों सेनाओं की साझी सोच विकसित करने की चुनौती होगी।