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आग्रह : चुनाव सुधार में तेजी के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कानून मंत्री को लिखा पत्र
Wed, 09 Jun 2021 03:04 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 09 Jun 2021 03:04 AM IST
सार
चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने पर दो साल की सजा और मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने जैसे अहम प्रस्ताव हैं लंबित
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सुशील चंद्रा
- फोटो : twitter
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विस्तार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि चुनाव सुधारों को लेकर आयोग द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर मंत्रालय जल्द से जल्द कदम उठाएं।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने के लिए दो साल की जेल के प्रावधान, मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करने समेत कई चुनाव सुधारों से संबंधित प्रस्तावों पर तेज गति से कदम उठाने की अपील कानून मंत्रालय से की है।
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सुशील चंद्रा ने कहा, उम्मीद है मंत्रालय इन प्रस्तावों पर जल्द से जल्द विचार करेगा। इन प्रस्तावों में चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने पर छह महीने जेल की सजा को बढ़ाकर दो साल करने के प्रावधान से संबंधित है। ऐसा उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए 6 साल तक प्रतिबंधित हो जाएगा।
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मौजूदा समय में 6 महीने की जेल का प्रावधान है, जिसके चलते किसी को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने लिखा है कि पेड न्यूज को जनप्रतिनिधि कानून के तहत अपराध की श्रेणी में लाया जाए और इसके लिए और इसके नियमों को न मानने वालों के खिलाफ सख्ती के प्रावधान किए जाएं।
इसके अलावा, चुनाव प्रचार खत्म होने और मतदान के दिन साइलेंट पीरियड के दौरान अखबारों में राजनीतिक विज्ञापनों पर भी रोक लगाई जाए। इसके पीछे मकसद है कि मतदाता प्रभावित न हों और खुले मन से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इसके लिए जन प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन की जरूरत होगी। साथ ही मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार के संदर्भ में कानूनों में बदलाव से संबंधित सिफारिश भी मंत्रालय से की गई है।