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जयललिता की मौत पर हाइकोर्ट के जज ने भी जताया शक

Thu, 29 Dec 2016 09:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 29 Dec 2016 09:05 PM IST
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Chennai High court raised the Question on Jayalalithaa's death
- फोटो : ANI

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत अब सवालों के घेरे में आ गई है। अभी तक मीडिया और पार्टी कार्यकर्ता ही इस पर सवाल खड़ा कर रहे थे लेकिन अब महत्वपूर्ण घटनाक्रम में चेन्नई हाइकोर्ट ने भी इस पर सवाल खड़ा कर दिया है। 

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हाईकोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब वह नियमित डाइट ले रही थीं। ऐसे में उनकी मौत के बाद अब सच्चाई सामने आनी चाहिए। 
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सुनवाई कर रही बेंच के जस्टिस जेटी वैद्यलिंगम ने कहा कि मीडिया शुरू से इस मुद्दे पर तमाम सवाल खड़े कर रहा है, उनके समर्थकों को भी उनकी मौत पर शक है यहां तक की हमारा भी मानना है कि इस मुद्दे पर सच्चाई सामने नहीं आई। 
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बेंच ने आगे कहा कि हम क्यों नहीं उनकी मौत की सही जांच के लिए उनके शव को कब्र से बाहर निकलवा सकते हैं? हालांकि कोर्ट ने अभी इस मुद्दे पर कोई आदेश नहीं दिया है। मामले में कोर्ट की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और राज्य सरकारों को भी नोटिस भेजा है। कोर्ट ने यह टिप्पणी पार्टी कार्यकर्ता पीए जोसेफ की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की। 

खास बात ये है कि हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई है जब कुछ घंटे पहले ही एआईएडीएमके की ओर से जयललिता की सहेली शशिकला को सर्वसम्मति से पार्टी महासचिव चुना गया है। 

जयललिता की मौत के बाद लगातार उठ रह हैं सवाल

Chennai High court raised the Question on Jayalalithaa's death
बता दें कि अन्नाद्रमुक सुप्रीमो और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का बीते पांच दिसंबर को दो महीने चली लंबी बीमारी के बाद चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। उनकी मौत के बाद मीडिया और समर्थकों की ओर से कई सवाल खड़े किए गए थे।

सवाल उठने की बड़ी वजह ये थी कि बीमारी के बाद अस्पताल और पार्टी की ओर से लगातार जयललिता की सेहत में सुधार का दावा किया जा रहा था। यहां तक की उनकी मौत से कुछ दिन पहले तक तो अस्पताल की ओर से उन्हें छुट्टी देने के संकेत भी दिए जा रहे थे इसी बीच अचानक उनके हार्टअटैक की खबर आई और फिर उनके जाने की। 

जयललिता की मौत के बाद पार्टी कार्यकर्ता पीए जोसेफ ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर जयललिता की मौत की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने जयललिता की बीमारी के दौरान उनके मेडिकल डाक्यूमेंटस को कब्जे में लेकर उनकी जांच की मांग की थी। 

इसके अलावा पार्टी से बर्खास्त सांसद शशिकला पुष्पा ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। जयललिता के इलाज के दौरान ही शशिकला पुष्पा ने इस बात पर सवाल उठाया था कि जयललिता के इलाज के संबंध में तमाम महत्वपूर्ण निर्णय कौन ले रहा था? 

उनके अलावा तमिल अभिनेत्री गौतमी ने जयललिता की मौत पर सवाल खड़ा करते हुए इस संबंध में प्रधानमंत्री को खत लिखकर सच सामने लाने की मांग की थी। उन्होंने ब्लॉग लिखकर सवाल पूछा था कि जयललिता के इलाज के दौरान किसी को भी जयललिता के पास जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई?
 
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