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देश के 30 हजार में से 18 हजार यात्रियों की हज कैटेगरी में बदलाव, ग्रीन से अजीजिया कैटेगरी में बदला

Fri, 06 Jul 2018 04:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Fri, 06 Jul 2018 04:38 AM IST
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Changes in the Haj category of 18 thousand passengers from 30 thousand of the country

सऊदी अरब में निर्माण कार्य के चलते देश के 18 हजार हज यात्रियों की कैटेगरी में बदलाव कर दिया गया है। ग्रीन कैटेगरी में देश के 30 हजार हज यात्रियों का कोटा है। इस कोटे को अरब हुकूमत ने घटा दिया है। हरम शरीफ के पास (अरब) निर्माण कार्य चल रहा है। इसलिए हरम शरीफ के पास ठहरने वाले हज यात्रियों की तादाद में कटौती की जा रही है।

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इसमें देश के ग्रीन कैटेगरी में आवेदन कर चुके हज यात्रियों को झटका लगा है। अरब हुकूमत ने ग्रीन कैटेगरी के 30 हजार में से 18 हजार हज यात्रियों को अजीजिया कैटेगरी में शिफ्ट कर दिया है, जबकि 12 हजार हज यात्रियों को ग्रीन कैटेगरी में जगह मिल पाई है।
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ब्बैक हज ट्रेनिंग सोसाइटी के सचिव तौफीक अहमद खान ने बताया कि ग्रीन कैटेगरी व अजीजिया कैटेगरी के किराये में भी अंतर होता है। जिन हज यात्रियों के कैटेगरी में बदलाव हुआ है, उन्हें बची रकम वापस कर दी जाएगी। कैटेगरी के बदलाव की जद में अलीगढ़ जिले से भी 50 से ज्यादा हज यात्री आए हैं।

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ग्रीन व अजीजिया कैटेगरी में अंतर

Changes in the Haj category of 18 thousand passengers from 30 thousand of the country

ग्रीन व अजीजिया कैटेगरी में अंतर
अरब में हरम शरीफ के आसपास रिहायशी इलाकों में ग्रीन कैटेगरी के हज यात्री ठहराए जाते हैं। इसमें ज्यादातर बुजुर्ग, महिला हज यात्री आवेदन करते हैं, ताकि उन्हें ज्यादा चलना न पडे़। उधर, अजीजिया कैटेगरी के हज यात्री को हरम शरीफ से करीब 7 से 8 किलोमीटर दूर रिहायशी इलाके में ठहराए जाते हैं।
 
ग्रीन कैटेगरी का किराया
उड़ान          रुपये
दिल्ली     2,59,700      

अजीजिया कैटेगरी का किराया
उड़ान    रुपये
दिल्ली   2,24,950

अफसोस तो हुआ, लेकिन मायूस नहीं हैं। अल्लाह ने मुझे अपना घर देखने के लिए बुलाया है। यही मेरी खुशनसीबी है।
अहमद सईद सिद्दीकी

मुझे बस अल्लाह का घर देखना है। ग्रीन कैटेगरी से अजीजिया कैटेगरी में बदलने का उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।
रुखसाना सईद

जो भी होता है, वो बेहतर के लिए होता है। अगर उनकी कैटेगरी बदली है, तो यकीनन उनके लिए कुछ बेहतर ही होगा।
आसिम अख्तर

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