फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrayaan 3 ISRO shares video of Pragyan Rover and Vikram Lander on Moon Surface news and updates

Chandrayaan 3: चंद्रयान-3 मिशन का नया वीडियो सामने आया, इसरो ने कहा- रोवर ने तय की आठ मीटर की दूरी

Fri, 25 Aug 2023 12:17 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 25 Aug 2023 12:17 PM IST
सार

इससे पहले इसरो ने 24 अगस्त को भी एक वीडियो साझा किया। इसमें बताया गया कि लैंडर इमेजर कैमरे ने सतह पर उतरने से ठीक पहले चंद्रमा की तस्वीर कैसे खींची।

विज्ञापन
Chandrayaan 3 ISRO shares video of Pragyan Rover and Vikram Lander on Moon Surface news and updates
इसरो ने साझा किया रोवर के चांद की सतह पर उतरने का वीडियो। - फोटो : ISRO

विस्तार

चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद पूरी दुनिया दिलचस्पी से भारत के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर की तरफ से आने वाली जानकारियों का इंतजार कर रही है। भारत की स्पेस एजेंसी इसरो भी समय-समय पर मिशन से जुड़े अपडेट्स साझा कर रही है। इस बीच एजेंसी ने एक और वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें चंद्रयान-3 के रोवर को चंद्रमा की सतह पर उतरते देखा जा सकता है। 
विज्ञापन


सभी पेलोड कर रहे काम, रोवर ने तय की आठ मीटर की दूरी
इस बीच, इसरो ने  चंद्रयान मिशन को लेकर अहम जानकारी दी है। इसरो ने बताया है कि सभी पेलोड सही से काम कर रहे हैं। सभी नियोजित रोवर गतिविधियों का सत्यापन कर लिया गया है। रोवर ने लगभग 8 मीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय कर ली है। रोवर पेलोड LIBS और APXS चालू हैं। प्रोपल्शन मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और रोवर पर सभी पेलोड पूर्व नियोजित तरीके से काम कर रहे हैं।  
विज्ञापन

इसरो ने बताया कि रोवर के पेलोड लिब्स और एपीएक्सएस सक्रिय हो गए हैं। रोवर के दोनों पेलोड-लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (लिब्स) और अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (एपीएक्सएस) चालू हो गए हैं। लिब्स का लक्ष्य चंद्रमा की मिट्टी और लैंडिंग स्थल के आसपास की चट्टानों की मौलिक संरचना के बारे में पता लगाना है। वहीं, एपीएक्सएस का लक्ष्य चंद्रमा की सतह की रासायनिक संरचना और खनिज संरचना का पता लगाना है। इसरो ने ट्विटर एक्स पर लिखा कि रोवर के साथ ही प्रोपल्शन व लैंडर मॉड्यूल के सभी पेलोड भी सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
इसरो के नए वीडियो में क्या?
इसरो के नए वीडियो को विक्रम लैंडर के कैमरे से लिया गया है। इसमें प्रज्ञान रोवर को लैंडर से निकलते हुए और रैंप पर धीरे-धीरे उतरने के बाद चांद की सतह पर चलते देखा जा सकता है। इसरो ने बताया कि यह वीडियो 23 अगस्त को चांद पर विक्रम की सफल लैंडिंग के बाद का है। 



लगातार वीडियो शेयर कर रहा है इसरो
इससे पहले इसरो ने 24 अगस्त को भी एक वीडियो साझा किया। इसमें बताया गया कि लैंडर इमेजर कैमरे ने सतह पर उतरने से ठीक पहले चंद्रमा की तस्वीर कैसे खींची।

एक अन्य ट्वीट में इसरो ने कहा, "सभी गतिविधियां निर्धारित समय पर हैं। सभी प्रणालियां सामान्य हैं। लैंडर मॉड्यूल पेलोड ILSA, RAMBHA और ChaSTE ने आज काम करना शुरू कर दिया है। रोवर की गतिशीलता संचालन शुरू हो गया है।" इसरो ने बताया कि प्रॉपल्शन मॉड्यूल पर SHAPE पेलोड रविवार को चालू किया गया था।



इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस ‘लैंडर मॉड्यूल’ की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिग कराई। जिससे भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया और पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश बन गया।


'रोवर अच्छी तरह से काम कर रहा है'
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि रोवर अब अच्छी तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि रोवर में दो उपकरण और लैंडर पर तीन उपकरण लगे हैं और उन सभी को एक-एक करके रूप से चालू किया गया है। उन्होंने कहा, वे मूल रूप से चंद्रमा की खनिज संरचना, साथ ही चंद्रमा के वातावरण और वहां की भूकंपीय गतिविधियों का अध्ययन करेंगे। कुल 1,752 किलोग्राम वजनी लैंडर और रोवर चंद्रमा के वातावरण का अध्ययन करने के लिए एक चंद्र दिन के प्रकाश में परिचालन करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। हालांकि, इसरो के अधिकारी इनके एक और चंद्र दिवस के लिए सक्रिय होने की संभावना को खारिज नहीं कर रहे।

23 अगस्त को हुई थी सफल लैंडिंग
इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस ‘लैंडर मॉड्यूल’ की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिग कराई। जिससे भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया और पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश बन गया।

भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। इसरो ने गुरुवार को घोषणा की कि लैंडर से रोवर बाहर निकल गया है। इसने कहा, भारत ने चांद पर चहलकदमी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed