चंद्रयान-2: बस कुछ ही घंटों बाद चांद को चूमेगा चंद्रयान, सॉफ्ट लैंडिंग को 'विक्रम' तैयार
- इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा
- इस पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगलूरू स्थित इसरो सेंटर में मौजूद रहेंगे
- इसरो के चीफ के सिवन ने बताया है कि मिशन चंद्रयान योजना के मुताबिक ही आगे बढ़ रहा है
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विस्तार
‘चंद्रयान-2' का लैंडर ‘विक्रम' शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात चांद की सतह पर ऐतिहासिक ‘सॉफ्ट लैंडिंग' करेगा। इस क्षण की प्रतीक्षा इसरो के वैज्ञानिकों के साथ ही दुनिया को भी है। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा। इस पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगलूरू स्थित इसरो सेंटर में मौजूद रहेंगे। उनके साथ देशभर से चुने हुए बच्चे भी शामिल होंगे। इसरो के चीफ के सिवन ने बताया है कि मिशन चंद्रयान योजना के मुताबिक ही आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी है कि चंद्रयान के लैंडिंग की प्रक्रिया बिल्कुल सामान्य गति से चल रही है।
पीएम मोदी बंगलूरू पहुंचे। सीएम बीएस येदियुरप्पा ने किया स्वागत।
Karnataka: Prime Minister Narendra Modi arrives at Bengaluru Airport; received by CM BS Yeddiyurappa. He will reach ISRO centre in Bengaluru tonight ahead of landing of #Chandrayaan2 on the moon. pic.twitter.com/Bc9RngfjPl
— ANI (@ANI) September 6, 2019विज्ञापन
‘चंद्रयान 2’ के लैंडर ‘विक्रम’ की चांद पर प्रस्तावित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से कुछ घंटों पहले इसरो अध्यक्ष के़ सिवन ने शुक्रवार को बताया कि इस बहुप्रतीक्षित लैंडिंग के लिए चीजें योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। सिवन ने कहा कि हम इसका (लैंडिंग का) बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सब कुछ योजना के मुताबिक हो रहा है।
विक्रम’ शुक्रवार देर रात डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। ‘विक्रम’ के अंदर रोवर ‘प्रज्ञान’ होगा जो शनिवार सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे के बीच लैंडर के भीतर से बाहर निकलेगा। सॉफ्ट लैंडिंग का दूरदर्शन पर शुक्रवार देर रात एक एक बजकर 10 मिनट से सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसे इसरो की वेबसाइट, यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर भी प्रसारित किया जाएगा।
इस मिशन से जुड़े एक अधिकारी ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि निश्चित ही पूरी (चंद्रयान-2) टीम के मन में घबराहट है क्योंकि यह एक जटिल अभियान है और हम पहली बार ऐसा कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि सेंसरों, कम्प्यूटरों, कमांड प्रणालियों सभी का अच्छी तरह काम करना आवश्यक है, लेकिन हमने जमीन पर कई आभासी परीक्षण किए हैं जिससे हमें यह भरोसा मिलता है कि सब सही होगा। उन्होंने ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ को बच्चे को पालने में रखने के समान बताया और कहा कि इसे लेकर थोड़ी घबराहट है लेकिन शंका नहीं है।
पीएम मोदी का संदेश
चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले प्रधानमंत्री ने भारत के इस महत्वकांक्षी अतंरिक्ष अभियान को लेकर कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा, '130 करोड़ भारतीय जिस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे वह आने वाला है। अब से कुछ घंटों बाद चंद्रयान-2 दक्षिण ध्रुव पर लैंड करेगा। भारत सहित पूरी दुनिया एक बार फिर हमारे अतंरिक्ष वैज्ञानिकों का अनुकरणीय कौशल देखेगी।'I am extremely excited to be at the ISRO Centre in Bengaluru to witness the extraordinary moment in the history of India’s space programme. Youngsters from different states will also be present to watch those special moments! There would also be youngsters from Bhutan.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 6, 2019
उन्होंने कहा, 'मैं भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास के असाधारण क्षण का गवाह बनने के लिए बेंगलुरु के इसरो केंद्र में आकर बेहद उत्साहित हूं। उन विशेष पलों को देखने के लिए विभिन्न राज्यों के युवा भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा भूटान के युवा भी मौजूद रहेंगे।'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'जिन युवाओं के साथ मैं बेंगलुरु में स्थित इसरो केंद्र के विशेष क्षणों को देखूंगा वे तीव्र बुद्धि वाले बच्चे हैं जिन्होंने माई जियोवी पर आयोजित की गई इसरो अंतरिक्ष क्विज जीती है। इस प्रतियोगिता में इतने बड़े पैमाने पर बच्चों के भाग लेने से उनकी विज्ञान और अतंरिक्ष में रुचि दिखाती है। यह एक अच्छा संकेत है।'
उन्होंने कहा, 'मैं 22 जुलाई 2019 को लॉन्च होने के बाद से नियमित रूप से और उत्साहपूर्वक चंद्रयान- 2 से संबंधित सभी अपडेट पर नजर रख रहा हूं। यह अभियान भारतीय प्रतिभाओं और दृढ़ता की भावना को प्रदर्शित करता है। इसकी सफलता से करोड़ों भारतीयों को फायदा होगा।'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आप सभी से चंद्रयान-2 के उन विशेष क्षणों को देखने का आग्रह करता हूं जब भारत दक्षिणी सतह पर उतरेगा। सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करें। मैं उनमें से कुछ को रीट्वीट भी करूंगा।'