फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrayaan-2 ISRO says thanks to everybody, all hope of communication with lander ends

चंद्रयान-2: इसरो ने देशवासियों को कहा थैंक्स, लैंडर विक्रम से संपर्क की सभी उम्मीदें खत्म!

Wed, 18 Sep 2019 06:25 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 18 Sep 2019 06:25 PM IST
विज्ञापन
Chandrayaan-2 ISRO says thanks to everybody, all hope of communication with lander ends
इसरो ने ट्वीट करके सभी का धन्यवाद किया है - फोटो : Twitter

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 को देशवासियों से मिले अपार समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद कहा है। यह देश का दूसरा चंद्र मिशन था। सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर पहुंचने से कुछ ही मिनट पहले इसरो का लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया था। जिसके कारण अभियान को आंशिक असफलता का सामना करना पड़ा था। आंशिक असफलता इसलिए क्योंकि ऑर्बिटर लगातार चंद्रमा के चक्कर काट रहा है और उसकी तस्वीरें भेज रहा है।

विज्ञापन

 
विज्ञापन

संपर्क टूटने के बावजूद देशवासियों और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की हौसलाफजाई की थी। जिससे खुश होकर इसरो ने मंगलवार शाम को ट्वीट करते हुए सभी का धन्यवाद किया। इसरो ने ट्वीट कर कहा, 'हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे। हमें प्रेरित करने के लिए शुक्रिया।’
विज्ञापन
विज्ञापन

 


अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को गौरवान्वित करने वाले इस संगठन ने दुनियाभर में बसे भारतीयों के सपनों को साकार करने का भरोसा दिलाया है। अपनी 47 दिनों की यात्रा के दौरान चंद्रयान-2 ने कई मुश्किल पड़ाव पार किए थे। आखिर में उसे लैंडर विक्रम के जरिए रोवर प्रज्ञान को चांद की सतह पर उतारना था। इस प्रक्रिया के तहत विक्रम की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जानी थी लेकिन गति अनियंत्रित होने के कारण उसने हार्ड लैंडिंग की और वैज्ञानिकों का उससे संपर्क टूट गया।

चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने बाद में चांद की सतह पर तिरछे पड़े लैंडर विक्रम की तस्वीर भेजी जिसके बाद उससे दोबारा संपर्क स्थापित करने की उम्मीद जाग गई थी। इसरो ने भी उससे संपर्क स्थापित करने की कई कोशिशें की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इससे रोवर प्रज्ञान के जरिए चांद की सतह की जानकारी इकट्ठा करने में बेशक बाधा आई लेकिन दुनिया ने न केवल इसरो का लोहा माना बल्कि उसकी प्रशंसा भी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed