चंद्रयान-2: इसरो ने देशवासियों को कहा थैंक्स, लैंडर विक्रम से संपर्क की सभी उम्मीदें खत्म!
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 को देशवासियों से मिले अपार समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद कहा है। यह देश का दूसरा चंद्र मिशन था। सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर पहुंचने से कुछ ही मिनट पहले इसरो का लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया था। जिसके कारण अभियान को आंशिक असफलता का सामना करना पड़ा था। आंशिक असफलता इसलिए क्योंकि ऑर्बिटर लगातार चंद्रमा के चक्कर काट रहा है और उसकी तस्वीरें भेज रहा है।
संपर्क टूटने के बावजूद देशवासियों और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की हौसलाफजाई की थी। जिससे खुश होकर इसरो ने मंगलवार शाम को ट्वीट करते हुए सभी का धन्यवाद किया। इसरो ने ट्वीट कर कहा, 'हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे। हमें प्रेरित करने के लिए शुक्रिया।’
Thank you for standing by us. We will continue to keep going forward — propelled by the hopes and dreams of Indians across the world! pic.twitter.com/vPgEWcwvIa
— ISRO (@isro) September 17, 2019
अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को गौरवान्वित करने वाले इस संगठन ने दुनियाभर में बसे भारतीयों के सपनों को साकार करने का भरोसा दिलाया है। अपनी 47 दिनों की यात्रा के दौरान चंद्रयान-2 ने कई मुश्किल पड़ाव पार किए थे। आखिर में उसे लैंडर विक्रम के जरिए रोवर प्रज्ञान को चांद की सतह पर उतारना था। इस प्रक्रिया के तहत विक्रम की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जानी थी लेकिन गति अनियंत्रित होने के कारण उसने हार्ड लैंडिंग की और वैज्ञानिकों का उससे संपर्क टूट गया।
चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने बाद में चांद की सतह पर तिरछे पड़े लैंडर विक्रम की तस्वीर भेजी जिसके बाद उससे दोबारा संपर्क स्थापित करने की उम्मीद जाग गई थी। इसरो ने भी उससे संपर्क स्थापित करने की कई कोशिशें की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इससे रोवर प्रज्ञान के जरिए चांद की सतह की जानकारी इकट्ठा करने में बेशक बाधा आई लेकिन दुनिया ने न केवल इसरो का लोहा माना बल्कि उसकी प्रशंसा भी की।