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बुरे फंसे तेदेपा चीफः 'चंद्रबाबू नायडू ने ही रची थी कौशल विकास घोटाले की साजिश', सीआईडी चीफ का दावा

Sun, 17 Sep 2023 06:18 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 17 Sep 2023 06:18 PM IST
सार

चंद्रबाबू नायडू ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए घोटाले की पूरी साजिश रची, जो सीबीआई और ईडी की जांच में भी साबित हुआ है।'

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chandrababu naidu is prime conspirator in andhra pradesh skill development scam said cid adg n sanjay
चंद्रबाबू नायडू - फोटो : Getty

विस्तार

आंध्र प्रदेश क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के चीफ एन संजय ने रविवार को कहा कि कौशल विकास योजना घोटाले के प्रमुख साजिशकर्ता चंद्रबाबू नायडू ही हैं। एन संजय ने कहा कि पूर्व सीएम ने ही अपने कार्यकाल के दौरान इस पूरे घोटाले की साजिश रची थी। दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एन संजय ने कहा कि यह 371 करोड़ रुपये का घोटाला है। यह पैसा सिर्फ नाम तय करके एक कंपनी को दे दिया गया। आंध्र प्रदेश सरकार ने अपनी मर्जी से खुद तय करके सीमेन्स को पैसा दे दिया। 
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चंद्रबाबू नायडू मुख्य साजिशकर्ता
आंध्र प्रदेश सीआईडी चीफ ने कहा कि '371 करोड़ रुपये में से 241 करोड़ रुपये अन्य निजी कंपनियों को दिए गए, जिसका जिक्र ईडी ने भी किया है। चंद्रबाबू नायडू ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए घोटाले की पूरी साजिश रची, जो सीबीआई और ईडी की जांच में भी साबित हुआ है।' उन्होंने कहा कि यह पूरा घोटाला 90-10 के फार्मूले का अनुमान बताकर हुआ। सीमेन्स ने कह दिया है कि वह कुछ नहीं कर सकते क्योंकि कंपनी का मुख्यालय जर्मनी में है। कई लोगों को फंड दिए गए। चंद्रबाबू नायडू इस घोटाले में मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन्होंने और उस वक्त के कौशल विकास मंत्री ने मंत्री परिषद के सामने गलत आंकड़े पेश किए।
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सीमेन्स के पूर्व एमडी ने आरोपों को नकारा
वहीं सीमेन्स के पूर्व एमडी सुमन बोस ने सीआईडी के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। यह एक अच्छा प्रोजेक्ट था, जिसमें 100 फीसदी  पारदर्शिता थी। कोई शैल कंपनी नहीं बनाई गई। अगर उनके पास फर्जी इनवॉइस के सबूत हैं तो उन्हें कोर्ट में पेश करना चाहिए। जो कहा गया, उसे पूरा किया गया तो फिर यह प्रोजेक्ट फर्जी कैसे हो सकता है? बता दें कि चंद्रबाबू नायडू को गिरफ्तारी के बाद विजयवाड़ा के एसीबी अदालत ने 10 सितंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।  
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