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Chandigarh mayoral poll: ‘गलती हो गई थी’, रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त मांगी माफी

Fri, 05 Apr 2024 07:03 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Fri, 05 Apr 2024 07:03 PM IST
सार

अनिल मसीह चंडीगढ़ मेयर चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर रहे थे। उन्होंने मतपत्रों से छेड़छाड़ और गलत बयानबाजी के लिए सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। 

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Chandigarh mayoral poll Returning officer Anil Masih tenders unconditional apology in SC
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में रिटर्निंग ऑफिसर रहे अनिल मसीह ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। बता दें कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा अनिल मसीह के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 के तहत कार्यवाही शुरू की गई थी। उन पर मतपत्रों से छेड़छाड़ कर आठ वोटों को अवैध करार देने और कोर्ट में गलत बयान देने का आरोप था।  

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भारी दबाव में थे मसीह- मुकुल रोहतगी
सुप्रीम कोर्ट में अनिल मसीह की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए। उन्होंने कहा कि अनिल मसीह ने इस पर बिना शर्त माफी मांगी है क्योंकि वह भारी दबाव में थे। रोहतगी ने कहा कि उन्होंने खुद मसीह से बात की है और वह अपने व्यवहार के लिए माफी मांग रहे हैं। वरिष्ठ वकील ने आगे कहा कि उन्होंने मसीह को अपना हलफनामा वापस लेने और कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण की सलाह दी है। 
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अभिषेक मनु सिंघवी ने किया विरोध 
उधर वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सिर्फ माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मामले की सुनवाई 23 जुलाई को होगी।  
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मसीह ने हलफनामे में क्या दावा किया था?
अनिल मसीह ने अपने पहले हलफनामे में दावा किया था कि आम आदमी पार्टी नेता द्वारा आठ मतपत्रों को खराब कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया गया था कि वीडियो लीक के बाद वह डिप्रेशन में थे और इस वजह से मुख्य न्यायाधीश द्वारा पूछे गए सवालों का सही उत्तर नहीं दे सके। मसीह ने आगे लिखा था कि मैं मानसिक आघात और तनाव में था। अदालत में तीखी बहसों के बाद तनावपूर्ण माहौल था, जिसका मुझ पर असर पड़ा। 

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में क्या हुआ था
पहले मेयर चुनाव 18 जनवरी को होने थे लेकिन उसी दिन अनिल मसीह की तबीयत खराब हो गई जिसके बाद चुनाव टाल दिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने छह फरवरी को मेयर चुनाव कराने की घोषणा की लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के मेयर पद की उम्मीदवार कुलदीप कुमार जल्द चुनाव कराने की मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने 30 जनवरी को चुनाव कराने के आदेश दिए। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में 30 जनवरी को चुनाव हुए। चुनाव में भाजपा उम्मीदवार मनोज सोनकर 16 वोट पाकर जीत गए। वहीं आप और कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी को 12 वोट मिले। गठबंधन के 8 वोट अमान्य कर दिए गए। इसके बाद मामला हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक गया। अनिल मसीह पर वोटों की गिनती के दौरान छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में घोषणा की थी कि आप और कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप कुमार चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर पद के लिए वैध रूप से निर्वाचित उम्मीदवार हैं। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जरूरी है।

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